होम » Commodities
«वापस

बासमती निर्यात बढ़ेगा 20 फीसदी!

भाषा |  Mar 20, 2018 10:16 PM IST

मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी से बासमती चावल का निर्यात वर्ष के अंत तक 20 फीसदी बढ़कर 26,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर सकता है। मांग में खासकर यह वृद्धि ईरान में हुई है। इक्रा ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि ऐसा अनुमान है कि बासमती चावल का निर्यात वित्त वर्ष 2017-18 में 26,000 करोड़ रुपये के स्तर को लांघ सकता है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 20 फीसदी अधिक होगा और वित्त वर्ष 2018-19 में यह 28,000 करोड़ रुपये हो सकता है। रिपोर्ट में हालांकि यह उल्लेख किया गया है कि निर्यात की मात्रा काफी हद तक स्थिर बनी रही है, जो पिछले कुछ सालों के रुख के अनुरूप है। चालू वित्त वर्ष में बासमती निर्यात में तेजी से वृद्धि हुई है जहां पहले नौ महीनों में मूल्य स्तर पर 22 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2014-15 से 2016-17 के बीच इसमें गिरावट आई थी। 
 
वित्त वर्ष 2017-18 के पहले 9 महीनों में निर्यात में वृद्धि 64,594 रुपये प्रति टन की औसत प्राप्ति से हासिल हुई है। यह 23 फीसदी की बढ़ोतरी को दर्शाता है। एक साल पहले यह प्राप्ति 53,985 रुपये प्रति टन थी। परंररागत रूप से सऊदी अरब और ईरान भारत के सबसे बड़े आयातक देश हैं, जिनकी 40 से 45 प्रतिशत की हिस्सेदारी होती है। हालांकि, हाल के वर्षों में सऊदी देशों का हिस्सा घट गया है। यह वित्त वर्ष 2017-18 में अभी तक14 प्रतिशत है। लेकिन इस कमी की भरपाई काफी हद तक ईरान ने की है।
कीवर्ड rice, export,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक