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कच्ची जूट परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए एजेंसी की नियुक्ति संभव

भाषा | कोलकाता Mar 21, 2018 02:05 PM IST

सरकार जूट परियोजना आईकेयर के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए जल्द ही एक एजेंसी की नियुक्ति कर सकती है। इस परियोजना का उद्देश्य उच्च और बेहतर गुणवत्ता वाले कच्चे जूट की उपज को बढ़ावा देना है। पटसन बोर्ड के शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। राष्ट्रीय पटसन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. पाल ने कल यहां संवाददाताओं से कहा, परियोजना की बढ़ती लोकप्रियता और सफलता के शुरुआती संकेत को देखते हुए केंद्र सरकार इस परियोजना का मूल्यांकन करेगी। इसके लिए किसी सरकारी एजेंसी को जल्दी ही नियुक्त किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत खेती योग्य भूमि 2015 के 12 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 2018 में एक लाख हेक्टेयर हो गई है। भारतीय पटसन निगम लिमिटेड (जेसीआई) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के वीआर मूर्ति ने कहा, परियोजना में हमारी भागीदारी के कारण किसान लागत में कमी करने में सक्षम हो सके हैं और अधिक उपज के साथ बेहतर गुणवत्ता के जूट का उत्पादन कर रहे हैं। कच्चे जूट की श्रेणी में भी सुधार हुआ है। बेहतर श्रेणी के जूट का उत्पादन करके किसान प्रति क्विंटल 300-400 रुपये अतिरिक्त कमा सकते हैं।

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