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इस साल डीजल की रहेगी रिकॉर्ड मांग

रॉयटर्स | सिंगापुर Mar 27, 2018 09:50 PM IST

इस साल भारत में डीजल की रिकॉर्ड मांग रहने का अनुमान है। सरकार ने 1 अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष में व्यापक बुनियादी ढांचा खर्च का लक्ष्य रखा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 में चुनाव में दूसरी बार जीत हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं।  वर्ष 2018 में डीजल की खपत वृद्घि पिछले साल के मुकाबले दोगुनी रह सकती है। विश्लेषकों और व्यापारियों ने रॉयटर्स को बताया है कि इस साल नियमित मॉनसून की मदद से डीजल के लिए दुनिया के इस तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश (भारत) में मांग तेजी से बढ़ेगी। 

 
कंसल्टेंसी ट्रिफेक्टा एनर्जी के निदेशक सुकृत विजयाकर ने कहा, 'कुछ घटनाक्रम को छोड़कर औसत मॉनसून की मदद से शानदार जीडीपी वृद्घि की उम्मीद है। इससे भारत में डीजल की खपत वर्ष के अंत तक लगभग 77 लाख टन तक बढऩे का अनुमान है।' डीजल की मांग में मजबूत वृद्घि इस संदर्भ में दो वर्षों की सुस्ती को समाप्त कर देगी। पिछले दो वर्षों में नोटबंदी से खपत प्रभावित हुई थी। अचानक नोटबंदी के बाद सार्वजनिक खर्च की रफ्तार मंद पड़ गई थी।  भारत में डीजल की औसत मासिक खपत वर्ष 2017 में 66 लाख टन या लगभग 16 लाख बैरल प्रति दिन रही। यह 2016 की तुलना में लगभग 3.1 फीसदी तक अधिक है। 2016 में औसत मासिक खपत 64 लाख टन पर रही थी।
 
बाजार कारोबारियों का कहना है कि भारत में औद्योगिक ईंधन के लिए मांग इस साल 5 से 8 फीसदी के दायरे में बढऩे का अनुमान है।  वर्ष 2019 के चुनावों पर ध्यान दे रही मोदी सरकार ने 2018/19 व्यावसायिक वर्ष में ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर 221 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा अच्छे मॉनसून से भी कृषि को मजबूती मिलेगी, क्योंकि मौसमी बारिश के अल नीनो मौसम पैटर्न से प्रभावित नहीं होने का अनुमान है।
कीवर्ड diesel, petrol, oil, gas,

  
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