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एनएमसीई का कारोबार रिकॉर्ड पर

दिलीप कुमार झा | मुंबई Mar 28, 2018 10:05 PM IST

अहमदाबाद स्थित नैशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एनएमसीई) पर कारोबारी मात्रा चार साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। यह दैनिक कारोबार में भारी बढ़ोतरी की बदौलत संभव हुआ है। एनएमसीई पर मार्च में कारोबार की दैनिक औसत मात्रा रिकॉर्ड 19,317 लॉट और कारोबार 339.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह फरवरी में 13,578 लॉट और 290.5 करोड़ रुपये के कारोबार के मुकाबले 50 फीसदी बढ़ोतरी को दर्शाता है। यह पिछले साल मार्च में 17,363 लॉट और 192 करोड़ रुपये के कारोबार से 10 फीसदी अधिक है। 
 
एक्सचेंज पर इस महीने जितना कारोबार इससे पहले मार्च, 2014 में रहा था, जब 24,479 लॉट का कारोबार हुआ था। एनएमसीई पर साल भर कारोबार तुलनात्मक रूप से ठंडा रहता है। इस पर केवल वास्तविक हेजर हिस्सा लेते हैं। हालांकि मार्च में कारोबारी मात्रा उन दैनिक कारोबारियों के प्रवेश से बढ़ी है, जो अपनी पोजिशनों को आगे बढ़ाने और उन जिंसों की गोदामों में डिलिवरी की जरूरत से बचने के लिए कारोबारी सत्र के अंत में पोजिशनों को बराबर कर देते हैं। एनएमसीई के प्रबंध निदेशक अनिल मिश्रा ने कहा, 'कारोबारी दिन के अंत में अपनी पोजिशनों को बराबर (स्कवायर ऑफ) कर देते हैं, इसलिए उन्हें उन जिंसों का स्टॉक गोदामों में जमा कराने की जरूरत नहीं होती। केवल कारोबार को आगे बनाए रखने पर ही उन्हें आवश्यक जिंसों का स्टॉक एक्सचेंज से मान्यता प्राप्त गोदामों में रखना होता है।'
 
एनएमसीई पर कारोबार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बावजूद दैनिक ओपन इंटरेस्ट ज्यादा नहीं बढ़ा है। सभी अनुबंधों में दैनिक ओपन इंटरेस्ट मार्च में बढ़कर 4,729 लॉट पर पहुंच गया है, जो जनवरी और फरवरी के ओपन इंटरेस्ट क्रमश: 4218 लॉट और 4,218 लॉट से करीब 10 फीसदी अधिक है। आम तौर पर किसी एक्सचेंज की वृद्धि का पता ओपन इंटरेस्ट से चलता है, जो गंभीर हेजर्स की भागीदारी को दर्शाता है। इस बीच एनएमसीई के सदस्यों ने 21 मार्च को भारत में एक्सचेंज से मान्यता प्राप्त गोदामों में 2,862 टन रबर का स्टॉक दर्ज किया है। यह एक्सचेंज कॉफी और ईसबगोल समेत विभिन्न जिंसों में वायदा कारोबार मुहैया कराता है। इन जिंसों में पिछले कुछ महीनों के दौरान अचानक बढ़ोतरी हुई है, जबकि पूरे साल में इनमें मामूली कारोबार होता है। 
 
हालांकि अन्य जिंसों में कारोबार करने वाले लोग डिलिवरी के दबाव से बचने के लिए अपनी पोजिशनों को बराबर कर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कारोबारियों को आयकर अधिनियम के तहत जिंसों में अपने लाभ या नुकसान को अन्य डेरिवेटिव लेनदेन के आनुपातिक सौदों से समायोजित करने की मंजूरी है। हालांकि मिश्रा ने कारोबारी मात्रा में अचानक बढ़ोतरी का श्रेय पंजीकृत सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी को दिया। एक्सचेंज ने पिछले एक साल में 10 सदस्य जोड़े हैं, जिससे उसकी कुल पंजीकृत सदस्य संख्या 44 हो गई है। यह एक साल पहले 34 थी। 
कीवर्ड jins, exchange, NMCE,

  
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