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ओएमसी अप्रैल में पहली बार करेगी बॉक्साइट की ई-नीलामी

जयजित दास | भुवनेश्वर Mar 29, 2018 10:14 PM IST

सरकारी खनन कंपनी ओडिशा माइनिंग कॉर्पोरेशन पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर बॉक्साइट की नीलामी करने जा रही है। इस साल अप्रैल में  एमएसटीसी मंच पर नीलामी आयोजित की जा सकती है। ओएमसी ने कोडींगामली पट्ïटे पर खनन गतिविधि शुरू की है। इसी खान से निकाले जाने वाले बॉक्साइट की नीलामी की जाएगी। नीलामी में अंतिम उपयोग करने वाले उद्योगों को प्रमुखता दी जाएगी। इन उद्योगों की जरूरत पूरा करने के बाद बचे हुए माल को व्यापारियों को दिया जा सकता है। ओएमसी ने नीलाम की जाने वाली बॉक्साइट की मात्रा की घोषणा अभी तक नहीं की है।  

 
खनन क्षेत्र की यह पीएसयू अपने बेचे जाने वाले बॉक्साइट की 30 फीसदी हिस्से की नीलामी करेगी। शेष 70 फीसदी हिस्से को दीर्घकालीन लिंकेज के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इस संदर्भ में हाल ही ओडिशा सरकार के मंत्रिमंडल ने बॉक्साइट लिंकेज नीति के लिए नियमों को मंजूरी दी थी।  ओएमसी ने बॉक्साइट के राष्ट्रीय नीलामी में भाग लेने वाले भागीदारों से पंजीकरण के लिए नोटिस मांगा है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 23 मार्च थी। दीर्घकालीन लिंकेज (एलटीएल) के लिए ओएमसी बॉक्साइट खरीदने वाले राज्य के उद्योगों के साथ समझौता करने जा रही है। इसके लिए उसने राज्य के अंतिम उपयोग करने वाले योग्य उद्योगों के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) जारी किए हैं। 
 
राष्ट्रीय ई-नीलामी से तय होने वाले भारित औसत मूल्य एलटीएल कीमत होगी। ई-नीलामी के लिए आधार मूल्य का निर्धारण उत्पादन लागत और लाभ मार्जिन के 50 फीसदी का जोड़कर किया जाएगा।  इससे पहले, ओडिशा सरकार ने राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बाक्साइट के खनन संबंधी सिफारिश करने के लिए एक सतिति गठित की थी। इस समिति की जिम्मेदारी है कि जब कभी ओएमसी बॉक्साइट खनन पट्ïटे का परिचालन करे तो समिति ओएमसी द्वारा लांजीगढ़ एल्युमिना रिफाइनरी को बॉक्साइट अयस्क की आपूर्ति करने के तौर-तरीके की समुचित सिफारिश करे।  
 
राष्ट्रीय ई-नीलामी में ओएमसी अंतिम उपयोग करने वाले उद्योगों के साथ प्रत्यक्ष सौदा करेगी। अंतिम उपयोग करने वाले उद्योगों की ओर से उचित प्रतिक्रिया के अभाव की सूरत में ही इसमें व्यापारियों की भागीदारी पर विचार किया जाएगा।   ओडिशा के पास 196.886 करोड़ टन का बॉक्साइट खदान होते हुए भी वार्षिक उत्पादन महज 92 लाख टन है।  इसलिए राज्य सरकार ने तय किया है कि इस्पात एवं खनन विभाग द्वारा बाहरी स्रोतों को ठेके देकर पहले से अधिक बॉक्साइट ब्लॉकों का खनन किया जाएगा। ओएमसी अपने हिस्से आवंटित ब्लॉकों के खनन के लिए सांविधिक मंजूरी लेगी। यदि ब्लॉकों के खनन में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो उन्हें वापस किया जा सकता है और भावी लाइसेंस (पीएल) सह खनन पट्ïटे (एमएल) के लिए नीलाम किया जा सकता है।   सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने के लिए बॉक्साइट के तीव्र दोहन के लिए कार्लापट क्षेत्र के एक हिस्से जिसमें ओएमसी को मिले एमएल क्षेत्र शामिल नहीं है, को गैर-आरक्षित किया जाएग और मिश्रित लाइसेंस (पीएल सह एमएल) के लिए नीलाम किया जाएगा।
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