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लौह अयस्क के दामों में 700 रुपये तक कटौती करेगी एनएमडीसी!

दिलीप कुमार झा | मुंबई Mar 30, 2018 09:48 PM IST

सरकारी स्वामित्व वाली खनिक कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड भारत में इस्पात विनिर्माण की प्रमुख कच्ची सामग्रीलौह अयस्क के दामों को विदेशों के बराबर करने के लिए इसमें अप्रैल से 500-700 रुपये तक कटौती कर सकती है। एनएमडीसी ने मार्च में अपने लौह अयस्क की कीमतों में मात्र 100 रुपये प्रति टन तक की ही कटौती की थी। इसके बाद लौह अयस्क पिंडों और चूर्ण के दाम क्रमश: 3,000 रुपये प्रति टन और 2,660 रुपये प्रति टन पर बोले गए। सरकारी स्वामित्व वाली इस कंपनी ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के बाद जनवरी में लौह अयस्क की कीमतों को काफी बढ़ा दिया था। इस आदेश में ओडिशा में 2.5 करोड़ टन की वार्षिक क्षमता वाली खदानों को बंद करने का निर्देश दिया गया था। इसके फलस्वरूप आपूर्ति की कमी आई। लेकिन अब ओडिशा में इन खदानों में से अधिकांश खदानों ने परिचालन शुरू कर दिया है जिससे लौह अयस्क की आपूर्ति की तंगी में सुधार हुआ है। ओडिशा में जिन निजी खनिकों ने जनवरी में कीमतों में बढ़ोतरी की थी, उन्होंने लौह अयस्क के दामों को धीरे-धीरे कम करना शुरू कर दिया है।
 
छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय झावर ने कहा कि निजी लौह अयस्क खनिकों ने देश भर में अपनी आपूर्ति में वृद्धि के बाद केवल मार्च में ही दामों में प्रति टन 800-1,000 रुपये तक की कटौती की है। इसलिए, एनएमडीसी अप्रैल से लौह अयस्क की कीमतों में कम से कम 500-700 रुपये प्रति टन तक की कटौती कर सकती है। चूंकि, निजी खनिक पहले ही खनिज के दाम घटा चुके हैं, इसलिए एनएमडीसी भी इसका अनुसरण कर सकती है। जनवरी 2018 में उच्चतम न्यायालय के खदान बंद करने के आदेश के बाद आपूर्ति में कमी आने की संभावना से निजी खनिकों ने लौह अयस्क की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी थी। जनवरी में एनएमडीसी ने तत्काल इस कदम का अनुसरण करते हुए लौह अयस्क की कीमतों में इसी प्रकार का इजाफा किया था। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, निजी खनिकों और एनएमडीसी के बीच लौह अयस्क की कीमतों में मौजूदा अंतर 850 रुपये प्रति टन बैठता है। अकेले मार्च में ही घरेलू और विदेशी बाजारों में लौह अयस्क के दामों में भारी गिरावट आई है। मार्च में 62 प्रतिशत लौह तत्व वाले बेंचमार्क लौह अयस्क चूर्ण के दाम अचानक इसकी आपूर्ति में इजाफा होने की वजह से 18 प्रतिशत गिरकर 62.25 डॉलर प्रति टन हो गए।
 
उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एनएमडीसी की कीमत तय करने की नीति भारत के इस्पात उद्योग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसमें वे स्पंज आयरन विनिर्माता भी शामिल हैं, जो लौह अयस्क की आपूर्ति के लिए सरकारी स्वामित्व वाली इस कंपनी पर निर्भर रहते हैं। इस बीच, लौह अयस्क की मौजूदा कीमतों पर स्टील पैलेट की ओर से भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक महीने के दौरान इसकी कीमतों में तीव्र गिरावट नजर आई है। दुर्गापुर और जमशेदपुर क्षेत्र के उत्तर-पूर्वी इलाके में फिलहाल स्टील पैलेट के दाम 5,000 रुपये प्रति टन पर चल रहे हैं। मार्च में इसके दामों में 1,000 रुपये प्रति टन की गिरावट नजर आई है। इसी तरह, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के भारत के केंद्रीय इलाकों में स्टील पैलेट के दाम 1,000 रुपये तक फिसलकर 6,000 रुपये हो चुके हैं।
 
झावर ने कहा कि अपने दामों के संबंध में फिलहाल लौह अयस्क पैलेट की ओर से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। इस कारण लौह अयस्क की कीमत में कटौती से इस सरकारी स्वामित्व वाली एनएमडीसी को अपने उत्पाद इस्पात विनिर्माताओं को बेचने में मदद मिलेगी। वरना, इस्पात मिलों को अपनी मिलों की जरूरत पूरी करने के लिए लौह अयस्क आयात तेज करना होगा।
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