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हॉलमार्किंग अनिवार्य की तैयारी तेज

राजेश भयानी | मुंबई Mar 30, 2018 09:49 PM IST

सोने के आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग की व्यवस्था अगली तिमाही या अगले वित्त वर्ष 2018-19 से किसी भी समय अमल में लाई जा सकती है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने दो साल पहले लागू हुए संशोधित बीआईएस ऐक्ट के तहत कानून मंत्रालय को नए नियम सौंप दिए हैं और माना जा रहा है कि उसने इन्हें स्वीकृति दे दी है और अब उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को इस पर विचार करना है। आभूषण हॉलमार्किंग का सुझाव समग्र स्वर्ण नीति के तहत नीति आयोग की समिति द्वारा भी दिया गया था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार इसकी चिंता किए बगैर इस दिशा में आगे बढ़ सकती है कि इस नीति के अन्य पहलुओं पर निर्णय कब लिया जाएगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान भी कई बार यह कह चुके हैं कि हॉलमार्किंग को क्रियान्वित किया जाएगा।
 
नियमों के अनुसार शुद्घता की तीन श्रेणियों 22, 18 और 14 को हॉलमार्किंग केंद्रों द्वारा हॉलमार्क से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि कुछ राज्यों से मांग (महाराष्ट्र में 23 कैरेट आभूषण) को देखते हुए बाद में इसमें विस्तार किया जाएगा। नीति आयोग की समिति ने पिछले महीने वित्त मंत्री को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया था कि व्यवसाय करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित कर अनिवार्य हॉलमार्किंग अच्छी तरह से और सोच-समझ कर क्रियान्वित किया जाना चाहिए। 
 
इंडियन एसोसिएशन ऑफ हॉलमार्किंग सेंटर्स के अध्यक्ष हर्षद अजमेरा ने कहा, 'पूरे देश में 566 हॉलमार्किंग केंद्र हैं और आभूषण निर्माण हब में पर्याप्त केंद्र हैं। सभी केंद्र मिलकर भी 20 प्रतिशत औसत क्षमता पर परिचालन कर रहे हैं और हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाए जाने की स्थिति में अधिक कार्य बोझ को समायोजित करने की पर्याप्त गुंजाइश है।'  अधिकारियों का कहना है कि हॉलमार्किंग केंद्र स्थापित करने के लिए 100 और आवेदनों की बीआईएस द्वारा समीक्षा की गई है। नए नियमों के तहत ज्वैलरों को बीआईएस से लाइसेंस लेने की जरूरत होगी। अब तक 10 प्रतिशत से कम या लगभग 25,000 सराफे ये लाइसेंस ले चुके हैं और 10 बुलियन रिफाइनरीज ने लाइसेंस लिए हैं। 
 
सूत्रों के अनुसार हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाए जाने के कोशिश के तहत बीआईएस आवेदनों की तेज मंजूरी सुनिश्चित करने के लिए सराफों के लिए लाइसेंस मुहैया कराने के संबंध में ऑनलाइन प्रक्रियाओं की भी समीक्षा कर रहा है। शुरू में, प्रस्ताव के अनुसार 22 प्रमुख शहरों को इसके दायरे में शामिल किया जाएगा और बाद में राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों पर ध्यान दिया जाएगा और फिर इसे शेष देश में अनिवार्य बनाया जाएगा। हॉलमार्किंग के लिए लॉजिस्टिक सेवाओं में सुधार के लिए भी बीआईएस उन कुछ लॉजिस्टिक कंपनियों को मंजूरी देने पर विचार कर रहा है जिन्हें परिवहन के कार्य का प्रबंधन करने का अनुभव हासिल हो। इससे ज्वैलरों और आभूषण निर्माताओं को अपने आभूषण हॉलमार्किंग के लिए भेजने का भरोसा पैदा होगा। 
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