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ओडिशा की लौह अयस्क आपूर्ति 7 फीसदी बढ़कर 12 करोड़ टन हुई

जयजित दास | भुवनेश्वर Mar 30, 2018 09:49 PM IST

ओडिशा की कुल लौह अयस्क आपूर्ति मार्च के पहले हफ्ते में 7.14 फीसदी बढ़कर 12.063 करोड़ टन हो गई जो कि 2016-17 की समान अवधि में 11.2 करोड़ टन था।  मार्च के पहले हफ्ते में राज्य का कुल लौह अयस्क उत्पादन 9.9 करोड़ टन को छू गया जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 9.7 करोड टन था। राज्य सरकार की सरल नीतियों और जमीन स्तर पर नीतियों के कार्यान्वयन पर लगातार नजर रखने की वजह से ही लौह अयस्क के उत्पादन और आपूर्ति दोनों में वृद्घि हुई है। ओडिशा ने राजस्व उत्पत्ति में धीमेपन के रुझान को भी दूर किया है। फरवरी के अंत में राज्य का खनन राजस्व संग्रह 39 फीसदी बढ़कर 5,246 करोड़ रुपये हो गया जो कि एक साल पहले 3,783 करोड़ रुपये था। राज्य के अपने कर स्रोतों से कुल राजस्व संग्रह 29 फीसदी बढ़कर 24,568 करोड़ रुपये हो गया जो कि 2016-17 की समान अवधि में 19,099 करोड़ रुपये था। 

 
गैर-कर स्रोतों से राजस्व में 9 फीसदी की वृद्घि दर्ज की गई। यह 6,157 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,683 करोड़ रुपये हो गया।   फरवरी के अंत में राज्य सरकार ने 24 फीसदी की वृद्घि दर्ज कर कुल 31,251 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। ओडिशा सरकार के प्रधान सचिव (वित्त) तुचीन कांता पांडेय ने कहा, 'इस वृद्घि में 1,326 करोड़ रुपये का जीएसटी क्षतिपूर्ति शामिल नहीं है।'  राजस्व संग्रह में वृद्घि रुझान के साथ ही खर्च में तेजी आई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वित्तीय प्रदर्शन और राजस्व उत्पादन की समीक्षा बैठक में पांडेय ने कहा, 'मौजूदा वित्त वर्ष में फरवरी 2018 तक का कुल कार्यक्रम खर्च बढ़कर 41,236 करेाड़ रुपये हो गया जो कि 2016-17 की समान आवधि की तुलना में लगभग 11 फीसदी अधिक है। फरवरी 2017 तक कुल कार्यक्रम उपयोगिता 37,143 करोड़ रुपये के लगभग था। सामाजिक क्षेत्र में खर्च 20 फीसदी बढ़कर 18,621 करोड़ रुपये हो गया और लगभग 10,148 करोड़ रुपये खर्च के साथ बुनियादी ढांचे पर कुल खर्च में दो फीसदी की वृद्घि हुई है। इसी तरह, कृषि और संबंधित क्षेत्र में उपयोग बढ़कर 9,257 करोड़ रुपये तक हो चुका है।' 
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