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आलू के दामों में आया दम

नम्रता आचार्य | नई दिल्ली Apr 01, 2018 08:13 PM IST

उत्पादन में कमी के कारण आलू के दामों में इजाफा हो रहा है। व्यापारियों के अनुसार, कुल उपज में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी के कारण पिछले साल की तुलना में कीमतें करीब 20 प्रतिशत तक ऊंची हैं। पश्चिम बंगाल में इस जिंस के थोक दाम 1,000 रुपये प्रति क्विंटल के आस-पास चल रहे हैं, जो पिछले साल के लगभग 400-450 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हैं। उत्तर प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है। आलू के थोक व्यापारी अजीत शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी आलू उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम है, जिससे दाम तेज हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस साल आलू की थोक कीमतें 1,300 रुपये प्रति क्विंटल के आस-पास चल रही हैं। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस साल आलू के उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसके अलावा, आलू की खेती का सीजन खत्म हो चुका है और अब पूरी मांग को कोल्ड स्टोरेज से पूरा किया जाएगा। इस वजह से भी दामों में फौरी तौर पर तेजी है।
 
पश्चिम बंगाल में इस साल आलू का कुल उत्पादन करीब 90 लाख टन है, जबकि पिछले साल यह 1.1 करोड़ टन था। देश में कुल आलू उत्पादन 4-4.5 करोड़ टन के बीच रहता है। वेस्ट बंगाल कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष पतित पावन दे ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आलू उत्पादन 15 प्रतिशत तक कम है। उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी उत्पादन कम है, जिसकी वजह से दामों में तेजी आ रही है। पिछले साल जोरदार उत्पादन के कारण पश्चिम बंगाल में आलू के दाम गिर गए थे। गत वर्ष 1.1 करोड़ टन उत्पादन के मुकाबले स्थानीय उपभोग 55 लाख टन से अधिक नहीं था। राज्य आमतौर पर इस जिंस का करीब 45 लाख टन पड़ोसी राज्यों को भेज देता है। राज्य में 10 लाख टन का अधिशेष उत्पादन बचा हुआ था, जिससे दामों में गिरावट आई।  अपर्याप्त विपणन प्रणाली, दलालों की धोखाधड़ी और समर्थन मूल्य का अभाव राज्य में आलू की खेती को जोखिम भरा कर देता है।
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