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भारत-चीन के बूते बढ़ेगी सोने की वैश्विक मांग

राजेश भयानी | मुंबई Apr 04, 2018 09:54 PM IST

भारत और चीन में आभूषण निर्माण के लिए सोने की साझा मांग वर्ष 2018 में तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। स्वतंत्र कीमती धातु सलाहकार फर्म मेटल फोकस ने बुधवार को सोने पर जारी अपनी सालाना रिपोर्ट में यह अनुमान जताया।  गोल्ड फोकस 2018 रिपोर्ट के मुताबिक इस साल भारत में आभूषण के लिए सोने की मांग 2017 की तुलना में 14 फीसदी बढ़कर 573.3 टन रह सकती है। इसी तरह चीन में आभूषण के लिए सोने की मांग 646.9 टन रहने का अनुमान है जो पिछले साल की तुलना में तीन फीसदी अधिक होगा। सलाहकार फर्म ने वर्ष 2018 में सोने की खपत और मांग को लेकर जारी अपने अनुमान में कहा है कि आभूषण निर्माण के अलावा भौतिक निवेश के लिए भी सोने की मांग चार फीसदी बढ़ सकती है। हालांकि सरकारी क्षेत्र में सोने की शुद्ध खरीद में मामूली गिरावट आने की आशंका है। कुल मिलाकर, भारत में सोने की मांग बढऩे और राजनीतिक एवं आर्थिक मोर्चे पर संभावित चुनौतियों को देखते हुए सोने के भाव बढऩे के सकारात्मक आसार बन सकते हैं।
 
लेकिन इसका एक पक्ष यह भी है कि इस साल खान से सोने की आपूर्ति भी बेहतर होने वाली है। हालांकि खान से निकलने वाले सोने की आपूर्ति केवल 0.1 फीसदी ही बढऩे वाली है लेकिन यह मामूली बढ़ोतरी भी उसे नई ऊंचाई पर पहुंचा सकती है। भारत में सोने की मांग वर्ष 2017 में भी बढ़ोतरी पर रही थी लेकिन मांग में वृद्धि के इस रुझान को एक सकारात्मक संकेत की तरह देखा जा रहा है। मेटल फोकस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सोना फिलहाल कई चुनौतियों से जूझ रहा है जिनमें से अधिकांश चुनौतियां पिछले साल भी मौजूद थीं। इसके अलावा बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेश के लिए इक्विटी को तरजीह देने का सिलसिला जारी रहने और बॉन्ड प्रतिफल बढऩे से भी सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। अमेरिकी डॉलर में हाल के दिनों में आई मजबूती और फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी भी सोने के लिए नकारात्मक हो सकती है। इसके बावजूद मेटल फोकस को उम्मीद है कि इस साल के उत्तराद्र्ध में सोने के भाव बढ़ सकते हैं। उसने वर्ष 2018 का अंत होने तक सोने के भाव 1450 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंचने का अनुमान भी लगाया है।
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