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गैस कारोबार एक्सचेंज इस साल अक्टूबर तक

रॉयटर्स | मुंबई/नई दिल्ली Apr 06, 2018 09:57 PM IST

भारत ने पूर्वी तट और कुछ अन्य तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टर्मिनलों से आपूर्ति में तेजी का लाभ उठाने के लिए इस साल अक्टूबर तक प्राकृतिक गैस ट्रेडिंग एक्सचेंज स्थापित करने की योजना बनाई है। इस घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले सप्ताह उद्योग के अधिकारियों के साथ एक बैठक में एक्सचेंज की स्थापना के लिए देश के प्रमुख प्राकृतिक गैस वितरण नियामक के लिए 1 अक्टूबर की समय-सीमा तय की। एक सरकारी अधिकारी, कंसल्टेंट एवं गैस कंपनी के अधिकारी ने कहा कि इस गैस ट्रेडिंग एक्सचेंज का मकसद प्राकृतिक गैस कीमतों को मानकीकृत बनाना है जिससे कि घरेलू कीमतें अंतरराष्टï्रीय बाजार की दरों के समान भारी डिस्काउंट के साथ निर्धारित नहीं की जाएं। भारत मौजूदा समय में लगभग 7.5 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट्ïस (एमएमबीटीयू) की वैश्विक दर से एलएनजी का आयात करता है, जबकि सरकार ने घरेलू गैस कीमत 3.06 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू निर्धारित की है।

 
भारत के अपस्ट्रीम नियामक के प्रमुख अतनु चक्रवर्ती ने कहा, 'यदि हमारे पास उचित मूल्य निर्धारण और बाजार पहुंच की व्यवस्था हो तो यह गैस क्षेत्र के विकास के लिए अच्छा है।' उन्होंने कहा कि एक्सचेंज से मूल्य निर्धारण में अंतर से जुड़े जोखिमों को दूर करने में भी मदद मिलेगी।  गैस एक्सचेंज कैसे काम करेगा और कीमतें कैसे तय की जाएंगी, इस बारे में तुरंत जानकारी उपलब्ध नहीं है। देश के पेट्रोलियम मंत्रालय से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया हासिल नहीं की जा सकी है। पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने पिछले साल थाईलैंड में एक सम्मेलन में कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2030 तक भारत के ऊर्जा समावेश में गैस का योगदान बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के लिए एक योजना तैयार की है। यह योगदान मौजूदा समय में 6.5 प्रतिशत से नीचे है। 
 
2016-17 के लिए सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत मौजूदा समय में प्रतिदिन लगभग 9 करोड़ घन मीटर गैस का उत्पादन करता है और प्रतिदिन 7 करोड़ घन मीटर एलएनजी का आयात होता है।  चक्रवर्ती ने कहा कि भारत की ऑयल ऐंड नैचुरल गैस कॉर्प से प्राकृतिक गैस परियोजनाओं और बीपी और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी भागीदारी की मदद से अगले तीन से पांच वर्षों में भारत का घरेलू गैस उत्पादन प्रतिदिन 14 करोड़ घन मीटर होगा। उन्होंने कहा कि एलएनजी आयात समान अवधि के दौरान बढ़कर लगभग 5 करोड़ टन सालाना हो जाने का अनुमान है। गैस एक्सचेंज के सुगम परिचालन के लिए पर्याप्त आपूर्ति को लेकर चुनौती एक बड़ी चिंता है।
कीवर्ड oil, gas, LNG,

  
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