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किसानों के बकाये पर मिलों से समझौते के मूड में नहीं सरकार

संजीव मुखर्जी | नई दिल्ली Apr 15, 2018 09:51 PM IST

खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने गन्ने की खेती करने वाले राज्यों से कहा है कि केंद्र सरकार किसानों के बकाये पर चीनी मिलों के साथ समझौता करने के मूड में नहीं है। 31 मार्च को यह बकाया 160 अरब रुपये से अधिक तक पहुंच चुका है। उन्होंने राज्यों को किसानों का भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। गत वर्ष दिसंबर से केंद्र ने जोरदार उपज की वजह से चीनी के दामों में तीव्र गिरावट को रोकने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा की हुई है। हालांकि अभी तक इन उपायों से बहुत अधिक सफलता नहीं दिखी है। पासवान ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि हम चीनी मिलों की हर प्रकार की सहायता कर चुके हैं तथा जो भी संभव है, वह करना चाहते हैं, लेकिन मिलों को भी अपनी भूमिका का निर्वाह करना चाहिए और वे यह सुनिश्चित करें कि किसानों का सारा बकाया चुकता हो।
 
गन्ने की खेती करने वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों को केंद्र की ओर से कड़े शब्दों में लिखे गए पत्र के कुछ दिनों बाद पासवान ने कहा कि सरकार मिलों की मुश्किलों को लेकर अधिक चिंतित नहीं है क्योंकि सरकार ने उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई है, जिसमें दामों में गिरावट के समय निर्यात प्रोत्साहन और एथेनॉल सम्मिश्रण में सहायता भी शामिल है।  पासवान ने कहा कि हम किसानों के बकाये को लेकर चिंतित हैं और राज्यों से कह चुके हैं कि भले ही भुगतान न करने वाली मिलों की संपत्ति जब्त करें या फिर उन्हें बेचें, लेकिन किसानों का बकाया चुकता सुनिश्चित करने के लिए जो कुछ संभव हो, वह करें। उन्होंने कहा कि तीन-चार बड़ी मिलें हैंं जो मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। ये सबसे बड़ी डिफॉल्टर हैं और राज्य सरकार को इनके खिलाफ कार्रवाई  करनी चाहिए।
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