होम » Commodities
«वापस

रबर उत्पादन गिरा, टायर उद्योग को राहत की दरकार

टी ई नरसिम्हन | चेन्नई Apr 15, 2018 09:53 PM IST

भारत में प्राकृतिक रबर का उत्पादन फरवरी में 16 फीसदी घट गया। लगभग 70 प्रतिशत रबर की खपत करने वाले टायर उद्योग ने सरकार से आयात नियमों को आसान बनाने की मांग की है। रबर बोर्ड के आंकड़ों में कहा गया है कि फरवरी में रबर उत्पादन 52,000 टन पर रहा जो 2017 में 62,000 टन था। भारत में रबर उत्पादन पहली बार 2017-18 के पहले 11 महीनों में 10 लाख टन को पार कर गया। समीक्षाधीन अवधि में उत्पादन 640,000 टन रह जिससे 360,000 टन का खपत अंतर दर्ज किया गया। टायर उद्योग ने कहा है कि कमजोर उत्पादन वाली अवधि पहले ही शुरू हो चुकी है और यह सितंबर तक चलेगी। इससे उद्योग की समस्याओं को बढ़ावा मिलेगा। 

 
रबर बोर्ड के अधिकारियों ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। रबर उद्योग ने वाहन उद्योग, परिवहन तथा खनन क्षेत्रों से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता पर जोर दिया है। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महानिदेशक राजीव बुधराजा ने कहा, 'हालांकि उत्पादन की योजना कमजोर है क्योंकि प्राकृतिक रबर की घरेलू उपलब्धता कम है। इसलिए मांग को देखते हुए 35 प्रतिशत हिस्से को आयात किए जाने की जरूरत होगी।' वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में घरेलू रबर कीमतें 11 प्रतिशत ऊपर रहने के बावजूद घरेलू तौर पर घरेलू उपलब्धता कमजोर है। रबर निर्यात प्रभावित हुआ है और पूरा घरेलू उत्पादन उद्योग द्वारा खपाया गया है। भारत दुनिया में प्राकृतिक रबर पर सर्वाधिक आयात शुल्क लगाने वाला देश है। यह शुल्क 30 फीसदी के आसपास है।
 
मार्च में कच्चे इस्पात का उत्पादन 3.6 प्रतिशत बढ़ा 
 
देश का कच्चे इस्पात का उत्पादन मार्च 2018 में 3.6 प्रतिशत बढ़कर 90.7 लाख टन रहा है। संयुक्त संयंत्र समिति (जेपीसी) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि मार्च 2017 में कच्चे इस्पात का उत्पादन 87.6 लाख टन रहा था। रिपोर्ट के अनुसार आलोच्य महीने में सेल, आरआईएनएल, टीएसएल, एस्सार स्टील, जेएसडब्ल्यूएल व जेएसपीएल ने मिलकर 54.6 लाख टन उत्पादन किया, जबकि बाकी उत्पादन अन्य कंपनियोंसे आया। 
कीवर्ड rubber, tyre,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक