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अक्षय तृतीया पर बरसेगा सोना

सुशील मिश्र | मुंबई Apr 16, 2018 09:59 PM IST

वैश्विक उठापटक की वजह से सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हीरा कारोबारी नीरव मोदी के पीएनबी फर्जीवाड़े से बाजार अभी पूरी तरह उबर नहीं पाया है। इसके बावजूद सराफा कारोबारी दावा कर रहे हैं कि इस वर्ष अक्षय तृतीया पर सोने की बिक्री अधिक होगी। बिक्री बढ़ाने के लिए कारोबारी छूट भी दे रहे हैं।  अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा रही है। पिछले साल अक्षय तृतीया के दिन सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 28,661 रुपये था, जो इस वर्ष 32,000 रुपये पहुंच चुका है। अक्षय तृतीया के दिन इसकी कीमत 33,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इस वर्ष अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है। सोना महंगा होने के कारण बिक्री कम हो सकती है, लेकिन कारोबारी दावा कर रहे हैं कि इस वर्ष सोने की बिक्री 20 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है।
 
मुंबई ज्वैलर्स एसोसिएशन के कुमार जैन कहते हैं कि पिछले साल महाराष्ट्र में अक्षय तृतीया के दिन करीब 400 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। इस वर्ष 15-20 फीसदी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। जैन कहते हैं कि शादी-विवाह का सीजन शुरू हो चुका है। मॉनसून बेहतर रहने की भविष्यवाणी हो चुकी है। वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल भी निवेशकों को सोने की तरफ आकर्षित कर रही है। साथ ही सरकार भी सकारात्मक माहौल बनाने के लिए प्रयासरत है। इस वजह से पिछले कुछ दिनों से बुकिंग बढ़ी है। इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल भी बिक्री बढ़ेगी।
 
ग्राहकों की मानसिकता को देखते हुए कारोबारी अक्षय तृतीया के मुहूर्त को काफी प्रचारित कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि ऐसा संयोग 11 साल बाद आएगा। अत: इस बार सोना खरीदना बहुत ही शुभ है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कारोबारी सोने में मेकिंग चार्ज पर 25 से 75 फीसदी और हीरे में 100 फीसदी तक छूट दे रहे हैं। इसके अलावा कूपन भी रखे गए हैं, जिनमें कार, मोटरसाइकल जैसे इनाम की घोषणा की गई है। कारोबारी वैश्विक उथल-पुथल का हवाला देकर कह रहे हैं कि अगले वर्ष अक्षय तृतीया पर सोना 34,000 के पार पहुंच सकता है। 
 
इंडियन बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोशिएशन के उपाध्यक्ष सौरभ गाडगिल कहते हैं कि आभूषणों की बिक्री बढऩे के संकेत दिख रहे हैं। बाजार में उथल-पुथल थम गई है। नीरव मोदी घोटाले के बाद बाजार फिर से तेजी पकड़ रहा है। पिछले साल मॉनसून भी अच्छा था, लेकिन मांग नहीं थी। इस साल शादियों के मकसद से खरीदे जाने वाले आभूषणों के साथ सोने-चांदी के सिक्कों की बुकिंग भी काफी हुई है। इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में अक्षय तृतीया पर बिक्री 5-10 फीसदी अधिक रहेगी। 
 
बुलियन कारोबारी रमन सोलंकी कहते हैं कि देश में सोना खरीदारी के चार प्रमुख मुहूर्त होते हैं जिनमें दशहरा, धनतेरस और गुडी पड़वा और अक्षय तृतीया प्रमुख होते हैं। महाराष्ट्र में गुडी पड़वा और अक्षय तृतीया का खास महत्त्व होता है। हीरा कारोबारी नीरव मोदी कांड की वजह से इस बार गुडी पड़वा पूरी तरह से फीका रहा है। ऐसे में कारोबारियों को लग रहा है कि अक्षय तृतीया का उन्हें फायदा जरूर मिलेगा। बाजार में सकारात्मक माहौल बन चुका है जिसे देखते हुए बिक्री पिछले साल से अधिक रहने का अनुमान है।
 
बुलियन कारोबारियों की मानी जाए तो नीरव मोदी कांड की काली छाया हटाने के लिए सरकार भी सक्रिय है। इसीलिए इस साल सरकार ने 850 करोड़ रुपये के बिक्री का लक्ष्य रखा है। सरकार भी आभूषण कारोबार को प्रोत्साहित करने मेंं लगी है। दरअसल नीरव मोदी कांड के बाद बाजार में जो नकारात्मक सोच बनी है उसको सरकार खत्म करना चाह रही है। इसीलिए सरकार की तरफ से भी सोने की खरीद को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसीलिए अक्षय तृतीया से ठीक पहले सरकार ने गोल्ड बॉन्ड में निवेश को आकर्षित करने वाला कदम उठाया है। गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर 2.5 फीसदी सालाना ब्याज भी मिलेगा और ऑन लाइन पेमेंट पर सरकार 50 रुपये प्रति यूनिट की छूट भी देने की घोषणा की है। 
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