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वेबपोर्टल से कमाएगी एमएमटीसी

जयजित दास | भुवनेश्वर Apr 18, 2018 09:55 PM IST

सरकारी स्वामित्व वाली व्यापारिक कंपनी एमएमटीसी लिमिटेड इस साल सितंबर तक ई-कॉमर्स कारोबार के लिए अपना एक पूर्ण विकसित पोर्टल लाने की तैयारी कर रही है। इस ऑनलाइन कारोबार का मकसद भारतीय गिन्नी और आभूषणों की बिक्री करना है, जिसमें इस व्यापारिक दिग्गज का दबदबा है। एमएमटीसी के एक अधिकारी ने कहा कि इस वित्त वर्ष में ई-कॉमर्स कारोबार के जरिये हमने पांच अरब रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है। शुरुआत में भारतीय गिन्नी और आभूषण का कारोबार किया जाएगा। बाद में कृषि और अन्य जिंसों का कारोबार होगा। हम तकनीकी बोली खोल चुके हैं। शीघ्र ही पोर्टल के विकास के लिए सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता के चयन के वास्ते तकनीकी बोलियां खोलेंगे।
 
एमएमटीसी ने अपने ई-कॉमर्स परिचालन का फिर से बेहतर करने का फैसला किया है। इसका विस्तार सोने-चांदी के खुदरा ग्राहकों तक करने का इरादा है। एमएमटीसी सराफा के कारोबार के लिए समर्पित पोर्र्टल के माध्यम से व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंचना चाहती है। हालांकि ई-खरीद के लिए कंपनी की एक साइट है, लेकिन इसे काफी उन्नत किए जाने की जरूरत है। एमएमटीसी पहले ही अपने ई-कॉमर्स पोर्टल केलिए 'कोट्स' (कॉमर्शियल ऑफ दी शेल्फ) सॉफ्टवेयर का विकास करने जा रही है। इसके लिए वह ई-बोलियां आमंत्रित कर चुकी है। चुना गया बोलीदाता पांच साल तक रख-रखाव के साथ-साथ क्लाउड पर कोट्स सॉफ्टवेयर के प्रबंधन, रुचि अनुसार परिवर्तन और खुदरा परिचालन के लिए जिम्मेदार होगा।
 
बोली की पात्रता के लिए बोलीदाता को कंपनी अधिनियम के तहत भारत में पंजीकृत होना चाहिए और उसका देश में ही परिचालन तथा पंजीकृत कार्यालय होना चाहिए। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के विकास और रखरखाव के क्षेत्र में बोलीदाता का न्यूनतम कारोबार पिछले तीन वित्त वर्षों में हर वर्ष एक करोड़ रुपये से कम नहीं होना चाहिए। पिछले तीनों वित्त वर्षों में उसकी शुद्ध संपत्ति सकारात्मक होनी चाहिए। इसके कार्य क्षेत्र के दायरे में कोट्स सॉफ्टवेयर की स्थापना शामिल है जिसमें इसका पेमेंट गेटवे और मोबाइल एप्लीकेशन के साथ एकीकरण भी शामिल है। एमएमटीसी का खयाल है कि इसकी शुरुआत की तारीख से 16 सप्ताह के अंदर यह परियोजना चालू हो जाएगी। इस ई-कॉमर्स साइट पर एमएमटीसी के ग्राहक विभिन्न कीवर्ड जैसे नाम और श्रेणी का इस्तेमाल करते हुए उत्पादों की खोज कर सकेंगे। यह साइट ग्राहकों को उन्नत खोज का विकल्प भी देगी।
 
इस साइट पर 'गेस्ट्स' के लिए अस्थायी शॉपिंग कार्ट और ग्राहकों के लिए स्थायी शॉपिंग कार्ट की परिकल्पना की गई है। वेबसाइट पर ग्राहक अपने खरीदे गए उत्पादों की खेप भेजे जाने के दाम भी देख सकेंगे। ग्राहक उपलब्ध एकीकृत पेयमेंट गेटवे का उपयोग करते हुए वेबसाइट पर खरीदे गए उत्पादों का भुगतान कर सकेंगे। यह वेबसाइट ट्विटर और फेसबुक जैसी विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइटों के साथ भी जुड़ी होगी। देश में अपने स्वयं के बिक्री केंद्रों के अलावा एमएमटीसी पहले ही इंडियन ओवरसीज बैंक, विजया बैंक, फेडरल बैंक और येस बैंक के साथ पांच ग्राम और 10 ग्राम के सोने के सिक्कों और 20 ग्राम के बिस्कुट की बिक्री के लिए भी गठजोड़ कर चुकी है। कंपनी ने पुराने सोने से बने सिक्कों का पारदर्शी बैकअप बनाने की भी घोषणा की है।
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