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चांदी की चमक सोने से हुई तेज

राजेश भयानी | मुंबई Apr 19, 2018 09:56 PM IST

एल्युमीनियम और निकल के चलते धातु बाजार में आई तेजी के बीच बुधवार को चांदी की कीमतों में तेज इजाफा हुआ। अमेरिका द्वारा रूस के चुनिंदा कारोबारियों और एक बड़ी एल्युमीनियम खनन कंपनी पर गत 5 अप्रैल को प्रतिबंध लगाए जाने के बाद धातु बाजार में तेजी आई और चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि यह तेजी मूल धातुओं की तुलना में कमतर रही। सोने और चांदी के मूल्य अनुपात पर काम करने वाले कारोबारियों ने अब चांदी पर निगाह जमा दी है और वे एमसीएक्स पर इस अनुपात की बिकवाली कर रहे हैं। भौतिक बाजारों में भी कई लोगों ने चांदी पर दांव खेला है। एमसीएक्स में सोने चांदी के अनुपात में मंदी का रुख दिखता है। ऐसा चांदी की खरीद और सोने की बिकवाली से हुआ है। 
 
प्रतिबंध लगाए जाने के बाद मुंबई बाजार में आज चांदी की कीमतें 5.96 फीसदी बढ़ीं और करीब 40,160 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुईं। मानक सोना इस अवधि में 1.5 फीसदी बढ़ा जबकि यह कल की 0.11 फीसदी की तेजी के बाद से कमोबेश स्थिर रहकर 31,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सोने और चांदी के मूल्य का अनुपात यह बताता है कि एक औंस सोने के मूल्य में कितने औंस चांदी खरीदी जा सकती है। पिछले कुछ समय से यह 80 पर था लेकिन अब इसमें ऐतिहासिक बदलाव आ चुका है। 
 
कारोबारियों का कहना है कि यह आज के 78 से घटकर निकट भविष्य में 75 पर जा सकता है। जीएफएमएस थॉमसन रायटर्स के वरिष्ठï शीर्ष विश्लेषक सुधीश नांबियथ कहते हैं कि भारतीय निवेशक इस अनुपात पर दांव लगा रहे हैं और वे भौतिक बाजार पर बहुत हद तक निर्भर हैं।  केडिया कमोडिटीज के निदेशक अजय केडिया कहते हैं कि सोने और चांदी का अनुपात फिलहाल 78.10 के स्तर पर है और यह तीन सत्र में 3.81 फीसदी गिरा है। प्रतिबंध लगने के पहले यह 81.18 के स्तर पर था। उनके मुताबिक जल्दी ही यह 72 पर आ सकता है। इसका अर्थ यह है कि चांदी का शानदार प्रदर्शन जारी रहेगा। पिछली बार ऐसा 2016 के आरंभ में हुआ था और केवल छह महीने में चांदी की कीमतें 33,000 रुपये से बढ़कर 48,930 रुपये हो गई थीं। 
 
केडिया कहते हैं कि इस बार चीन और अमेरिका के बीच कारोबारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सप्ताह की शॉर्ट पोजिशनिंग के चलते चांदी को समर्थन मिलेगा और यह जल्दी ही 43,500 के स्तर को पार कर सकती है। उनका अनुमान है कि चांदी की कीमतें आगे चलकर 48,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक हो सकती है। सोने की कीमतों में सुधार होने पर यह अनुपात बिगड़ सकता है लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं लगता।  सिल्वर इंस्टीट्यूट द्वारा जारी वर्ष 2018 के सर्वेक्षण के मुताबिक सोने और चांदी का उच्च अनुपात यह संकेत देता है कि बाजार में एक और संकट की आशंका है या कम से कम शेयर कीमतों में गिरावट का वक्त है। इसलिए निवेशक भौतिक संग्रहण में रुचि ले रहे हैं। उच्च अनुपात यह संकेत भी देता है कि लंबी अवधि में चांदी, सोने की तुलना में बेहतर निवेश साबित हो सकती है। हालांकि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है।
कीवर्ड silver, gold, price,

  
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