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ईरान से तेल आयात फिसला

रॉयटर्स | नई दिल्ली Apr 20, 2018 11:09 PM IST

वित्त वर्ष 2017-18 में ईरान से भारत के तेल आयात में पिछले वर्ष के मुकाबले 15.7 फीसदी की कमी आई है। नौवहन और उद्योग के सूत्रों के आंकड़ों के मुताबिक ईरान के एक प्राकृतिक गैस क्षेत्र के विकास अधिकार को लेकर उपजे तनाव की वजह से सरकारी तेल शोधन कंपनियों ने खरीद में कमी की थी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है।

भारत ने मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष में अपनी विस्तृत होती तेल शोधन क्षमता की पूर्ति के लिए रिकॉर्ड 44,60,000 बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया। आंकड़े बताते हैं कि इस अवधि में भारतीय तेलशोधन कंपनियों ने ईरान से लगभग 4,58,000 बैरल प्रतिदिन तेल प्राप्त किया, जबकि पिछले वर्ष की इस अवधि में यह लगभग 5,43,500 बैरल प्रतिदिन था। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और इसकी सहायक कंपनी भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, मंगलूर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी भारत की सरकारी तेलशोधन कंपनियों ने ईरान से लगभग 27 फीसदी कम तेल आयात किया।

ईरान द्वारा फरजाद बी गैस क्षेत्र का विकास अधिकार अन्य कंपनियों को दिए जाने का निर्णय लिए जाने के उपरांत पिछले वर्ष चीन के बाद ईरान के दूसरे सबसे बड़े तेल ग्राहक भारत ने अपनी सरकारी तेलशोधक कंपनियों को ईरान से तेल आयात में कमी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, दोनों देशों ने अब फरजाद फील्ड पर फिर से बातचीत शुरू कर दी है। ईरान के पेट्रोलियम मंत्री बिजान जंगेनेह ने इस महीने के शुरुआत में कहा था कि ईरान को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच गैस क्षेत्र को लेकर उठे बड़े मतभेदों को दो महीनों के भीतर सुलझा लिया जाएगा।

मौजूदा वित्त वर्ष में सरकारी तेलशोधन कंपनियों ने माल भाड़े में छूट का लाभ उठाने के लिए ईरान से तेल आयात को दोगुना करने की योजना बनाई है। बिजान ने फरवरी में कहा था कि ईरान वित्त वर्ष 2018-19 में भारत को 5,00,000 बैरल प्रतिदिन तेल बेचने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, एक भारतीय सूत्र ने कहा कि ईरान से यह आयात बढ़कर 6,00,000 बैरल प्रति दिन हो सकता है। 

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में निजी तेलशोधन कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान से आयात लगभग 50 फीसदी तक बढ़ाकर करीब 81,000 बैरल प्रतिदिन कर दिया था। वहीं, रूस की दिग्गज तेल कंपनी रोसनेफ्ट के नए प्रबंधन के नेतृत्व में एस्सार ऑयल का ईरान से आयात 18 फीसदी तक घटकर 1,45,000 बैरल प्रतिदिन हो गया। आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में बठिंडा रिफाइनरी का परिचालन करने वाली एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड ने 2017-18 में ईरान से तेल खरीद में मामूली कमी करते हुए इसे करीब 16,000 बैरल प्रतिदिन कर दिया।

मार्च में ईरान से भारत का तेल आयात 4,30,000 बैरल प्रतिदिन था जो पिछले महीने के मुकाबले 34.4 फीसदी और पिछल वर्ष के मुकाबले 18.2 फीसदी कम रहा। पिछले वित्त वर्ष में सऊदी अरब को पीछे छोड़कर इराक भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा। ईरान तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा, जबकि वेनेजुएला को पीछे छोड़कर नाइजीरिया चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना।
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