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दिल्ली में होगी ई-मंडी

बीएस संवाददाता/भाषा | नई दिल्ली Apr 22, 2018 09:40 PM IST

दिल्ली सरकार टीकरी खामपुर में जल्द ही 70 एकड़ भूमि में अत्याधुनिक सुविधाओं वाली एक ई-मंडी बनने जा रही है, जहां किसानों और मजदूरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर खान-पान, ठहरने के लिए गेस्ट हाऊ स और स्वास्थ्य संबंधी देखरेख सहित तमाम सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है। इस मंडी को बनाने की लागत करीब 800 करोड़ रुपये है और इसके अगले साल तक बनने की संभावना है। कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) आजादपुर के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने बताया कि इस मंडी में किसान बगैर कोई मंडी शुल्क दिए अपनी फल-सब्जियां बेच सकेंगे। बिचौलियों से निजात दिलाने के लिए मंडी में सभी महत्त्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और शीत भंडारगृह (कोल्ड स्टोरेज) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। खान ने कहा टीकरी खामपुर मंडी विकसित करने के लिए परामर्शक नियुक्त किया है। परामर्शक द्वारा दिए गए नक्शे को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है और विभिन्न अन्य प्राधिकारों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही है। इसका निर्माण इसी वर्ष शुरू होने की उम्मीद है। खान ने कहा कि यह मंडी आकार में एशिया की सबसे बड़ी सब्जी एवं फल मंडी आजादपुर जितनी बड़ी नहीं होगी, पर इसमें लगभग सभी सुविधाएं होंगी। दुनिया की आधुनिकतम मंडियों का अध्ययन करने के बाद इस मंडी में स्वास्थ्य देखरेख, चिकित्सा सुविधाओं, आराम करने के लिए किसान शेड और मजदूर शेड बनाए जाएंगे। यह पूरी तरह से अत्याधुनिक होगी और इसे केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) परियोजना से जोड़ा जाएगा।
 
खान के मुताबिक इस मंडी में अत्याधुनिक कैंटीन बनाए जाएंगे तथा इसमें कचरा प्रबंधन संयंत्र भी लगाया जाएगा। यह पूरी तरह से डिजिटल और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। उन्होंने कहा कि गाजीपुर स्थित मुर्गा, पोल्ट्री, मछली और फूल मंडियों के लिए अस्थायी ढांचे हैं। जिन्हें एपीएमसी इसी साल स्थायी ढांचों में तब्दील करने जा रहा है। इस संबंध में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के साथ (पेनल्टी संबंधी) कुछ विवादों को सुलझा लिया गया है।
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