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कच्चे काजू की खरीद के लिए केरल सरकार तंजानिया में पंजीकृत कराएगी कंपनी

गिरीश बाबू | चेन्नई Apr 23, 2018 10:04 PM IST

केरल में काजू प्रसंस्करण इकाइयों की मदद करने के लिए राज्य सरकार तंजानिया में एक कंपनी को पंजीकृत करा रही है। यह कंपनी वहां कच्चे काजू की नीलामियों में भाग लेगी। आइवरी कोस्ट और मोजांबिक से भी कच्चा काजू खरीदने के लिए केरल काजू बोर्ड के जरिये एक निविदा जारी करने की भी योजना है। फेडरेशन ऑफ कैश्यू प्रोसेसर्स ऐंड एक्सपोर्टर्स के सचिव निजामुद्दीन ने कहा कि राज्य की काजू प्रसंस्करण इकाइयां, विशेष रूप से काजू प्रसंस्करण के औद्योगिक केंद्र कोल्लम जिले में कच्चे काजू की कमी, वियतनाम से काजू आयात और केंद्र सरकार द्वारा आयात शुल्क के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही हैं। केरल में लगभग 865 काजू प्रसंस्करण कारखाने हैं, जिनमें अभी ज्यादा से ज्यादा 10 फीसदी ही चल रहे होंगे। इनमें करीब 3,50,000 महिला श्रमिक हैं, जिनमें से 3,35,000 निजी उद्योग में, जबकि बाकी सरकारी स्वामित्व वाले दो निगमों में हैं।

 
उन्होंने कहा कि हालात काफी गंभीर हैं। पिछले कुछ सालों में आयात के दाम बढ़े हैं और गिरी के दामों में 5-10 फीसदी की गिरावट थी। हमें उम्मीद थी कि चीजें बेहतर होंगी, लेकिन कई सालों से कर्ज इक_ïा हो गया है। काजू निर्यात संवर्धन परिषद केपूर्व उपाध्यक्ष एमए अंजार के अनुसार मजदूरी भी करीब 3,000 रुपये प्रति बोरी (80 किलोग्राम) तक बढ़ चुकी है, जबकि वियतनाम में यह 500 रुपये प्रति बोरी है। राज्य सरकार ने कहा है कि वह कोल्लम में दोबारा कारखाने खोलने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से कर्ज का मसला हल करने की कोशिश कर रही है। वर्तमान में उद्योग को एक अन्य परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है और वह है काजू की कमी। हाल ही में राज्य विधानसभा में मत्स्य पालन और काजू उद्योग मंत्री जे मर्सिकुट्टिïयम्मा ने कहा कि सरकार ने काजू उत्पादन करने वाले देशों से कच्चे काजू का सीधा आयात करने केलिए केरल काजू बोर्ड का गठन किया है, जो प्रसंस्करण उद्योग में कच्चे काजू की कमी को पूरा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि पहले सीधे सरकारों के बीच काजू खरीदने की योजना थी, लेकिन इसमें कुछ व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तंजानिया से नीलामी प्रक्रिया के जरिये कच्चे काजू की खरीद के लिए कंपनी बनाने की दिशा में बढ़ा गया है। 
 
आइवरी कोस्ट में काजू व्यापार सहकारी संस्थानों और अन्य संस्थाओं द्वारा संचालित किया जाता है जबकि मोजांबिक में भी सरकारी एजेंसियां कच्चे काजू के निर्यात में शामिल नहीं होती हैं। इस संबंध में काजू बोर्ड एक रुचि पत्र(ईओएल) जारी करने और इन तीनों देशों से काजू खरीद करने की योजना बना रहा है। सरकार काजू बोर्ड के जरिये कच्चे काजू की खरीद के लिए कदम उठाने पर विचार कर रही है। वियतनाम से सस्ता आयात एक अन्य खतरा है जिससे उद्योग जूझ रहा है। सरकार काजू की अधिक पैदावार वाली खेती को प्रोत्साहित करके उत्पादन में सुधार लाने की दिशा में भी काम कर रही है।
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