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सूखे से छिनेगी सेब की लाली!

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली Apr 30, 2018 10:13 PM IST

इस साल सूखे से सेब की लाली छिन सकती है। दरअसल कश्मीर-हिमाचल के सेब उत्पादक इलाकों में सेब की फसल के लिए सूखे जैसी स्थिति नजर आ रही है क्योंकि पहले इन क्षेत्रों में बर्फ ना के बराबर पड़ी और अब बारिश भी कम हो रही है। सेब की फसल के प्रतिकूल बन रहे हालात के मद्देनजर इस साल सेब की पैदावार पिछले एक दशक में सबसे कम रह सक ती है। इसलिए इस साल उपभोक्ताओं को सेब के अधिक दाम चुकाने पड़ सकते हैं। अखिल भारतीय सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष रवींद्र चौहान ने कहा कि इस सीजन में अब तक मौसम सेब की फसल के अनुरूप नहीं रहा है। दिसंबर-फरवरी में सेब की बेहतर पैदावार के लिए बड़े पैमाने पर बर्फ पडऩी जरूरी है। लेकिन इस बार न के बराबर बर्फ पड़ी और इन दिनों बारिश भी नहीं हो रही है। इससे सेब की फसल के लिहाज से सूखे जैसी स्थिति है।
 
चौहान ने कहा कि बर्फ और बारिश की कमी से जम्मू-कश्मीर व हिमाचल दोनों सेब उत्पादक राज्यों में सेब की पैदावार में बड़ी गिरावट आ सकती है। साथ ही जो सेब पैदा होगा, उसकी गुणवत्ता भी बहुत अच्छी नहीं रहने वाली।  चौहान के मुताबिक हिमाचल में सेब की पैदावार 1.30-1.40 करोड़ पेटी रह सकती है, जबकि पिछले साल 1.60-1.75 करोड़ पेटी (20-22 किलो) सेब पैदा हुआ था। हिमाचल में सेब की सामान्य पैदावार 3 करोड़ पेटी है। कश्मीर में सामान्य तौर पर सेब की पैदावार 12-13 करोड़ पेटी है। इस बार प्रतिकूल मौसम के कारण पैदावार गिरकर 9-10 करोड़ पेटी रह सकती है। 
 
संघ के महासचिव एवं कश्मीर के सेब उत्पादक अब्दुल अहद राठर कहते हैं कि सेब के लिए बर्फ  बहुत जरूरी है। क्योंकि इससे नमी पैदा होती है। इस सीजन में बर्फ  तो ना के बराबर पड़ी ही थी, अब सेब के लिए पर्याप्त बारिश भी नहीं हो रही है। जिससे इस साल सेब की पैदावार घटना तय है।  हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष लेखराज चौहान ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण इस साल हिमाचल में बीते दस साल में सबसे कम सेब पैदा होने की आशंका है। 
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