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आम और लीची पर टूटा काल बैसाखी का कहर

बीएस संवाददाता | पटना May 06, 2018 10:00 PM IST

बिहार में आम और लीची की फसल पर काल बैसाखी का कहर टूटा है। बीते हफ्ते आंधी और ओलावृष्टि की वजह से राज्य में इन फ लों की 15.20 फ ीसदी फसल बरबाद हो गई है। बेमौसम बारिश और आंधी से बिहार में अब तक करीब 30.35 हजार हेक्टेयर में फ सलों को नुकसान हुआ है।  बीते महीने से ही बिहार काल बैसाखी का मार झेल रहा है। अप्रैल की शुरुआत से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बेमौसम की बारिश, आंधी और ओलों की मार किसानों को झेलनी पड़ रही है। कृषि विभाग के मुताबिक इससे अब तक राज्य में 30.35 हजार हेक्टेयर में फ सलों को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा मार मक्का और गेहूं किसानों को झेलनी पड़ रही है।
 
लीची और आम के किसान भी मौसम की इस मार से बेजार हैं। राज्य के फ ल उत्पादकों को सबसे ज्यादा नुकसान अप्रैल के अंतिम हफ्ते में उठाना पड़ा है। इस दौरान मुजफ्फ रपुर, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, भागलपुर, खगडिय़ा और कोसी के इलाके में तेज आंधी और ओलावृष्टि हुई। इससे आम और लीची की तैयार फ सल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।  कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मौसम की मार से अब तक राज्य में आम और लीची की फ सल को 15 से 20 फ ीसदी का नुकसान हुआ है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लीची की फ सल लगभग तैयार हो गई है। ऐसे में मौसम की मार का असर इस फ ल पर सबसे ज्यादा हुआ है। आंधी और बारिश की वजह से लीची में अब कीड़े लगने की खतरा पैदा हो गया है। इसीलिए राज्य सरकार ने लीची उत्पादकों से इसके उचित उपाय करने को कहा है। मई के दूसरे हफ्ते तक बाजारों में लीची आ जाती है।
 
राज्य में करीब 3 लाख टन लीची का उत्पादन होता है। प्रसंस्करण क्षमता के अभाव में इसमें से करीब 70 फीसदी का इस्तेमाल बिहार के अंदर ही होता है। बाकी की फ सल कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और दक्षिण भारत में भेजी जाती है। राज्य में आम का उत्पादन भी करीब 2 लाख टन होता है। 
कीवर्ड bihar, mango,

  
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