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मप्र में थोक लहसुन पहुंचा 1 रुपया किलो

एजेंसियां |  May 07, 2018 09:51 PM IST

मध्य प्रदेश के किसान लहसुन की तेजी से गिरती कीमतों को लेकर प्रदर्शन करने पर आमादा हैं। थोक बाजार में लहसुन की कीमतें 1 रुपये किलो से भी कम होने के कारण किसान उपज को खुले में फेंकने पर मजबूर हो गए हैं। कुछ लोग फसल के अत्यधिक उत्पादन और व्यापारियों के पास नकदी की कमी के कारण सीमित खरीद को इस गिरावट का कारण बता रहे हैं। राज्य में सबसे अधिक लहसुन उत्पादित क्षेत्र मालवा के किसान इसके लिए नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को दोषी ठहरा रहे हैं। मध्य प्रदेश देश में लहसुन उत्पादन में अग्रणी राज्य है। 

 
धाराखेड़ा गांव के किसान सूर्यभान सिंह बाना ने कहा, 'लहसुन किसानों को फसल से लागत भी नहीं मिल रही है। 1 से 5 रुपये किलो पर बेचने से बेहतर उन्हें फेंक देना ही है। परिवहन लागत और मंडी के दूसरे खर्च के कारण इस दर पर लहसुन बेचने में काफी कठिनाई आ रही है।' सूत्रों ने बताया कि इस साल जनवरी में नीमच सब्जी मंडी में लहसुन की कीमत 50 से 80 रुपये किलो थी लेकिन तब से कीमतें लगातार गिरती जा रही हैं। पिछले वर्ष जनवरी में कीमतें 30 से 50 रुपये किलो और दिसंबर में 5 से 20 रुपये किलो थीं।
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