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जीएम सरसों का और भूमि परीक्षण

संजीव मुखर्जी | नई दिल्ली May 15, 2018 10:01 PM IST

करीब एक साल का गतिरोध तोड़ते हुए जीन अभियांत्रिक मूल्यांकन समिति (जीईएसी) ने अपनी आखिरी बैठक में 2-3 अलग-अलग जगहों पर 5 एकड़ जमीन में जीएम सरसों के 'भूमि प्रदर्शन' का निर्देश दिया है। समिति इस फसल के मधुमक्खियों पर संभावित असर को लेकर चिंतित है, इसलिए उसने इनकी और परागण में मददगार अन्य कीटों की अतिरिक्त जानकारी मांगी है।  आवेदकों को प्रदर्शनी के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इन्हीं कदमों को लेकर नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने इस आधार पर सवाल उठाए हैं कि अनुचित परीक्षणों के ब्योरे 'अनुचित' और 'आपत्तिजनक' होंगे। 
 
जीईएसी को अपनी 133वीं बैठक में जीएम सरसों के पक्ष और विपक्ष में कई प्रस्ताव मिले थे। इसी वजह से इसके बाद मार्च में हुई बैठक में जीईएसी ने जीएम सरसों के आवेदकों को 'भूमि प्रदर्शनी' करने का निर्देश दिया। इस मामले में आवेदक दीपक पेंटल की अगुआई वाले दिल्ली विश्वविद्यालय का फसली पादप जीन परिवर्तन केंद्र है। जीईएसी की मार्च में हुई बैठक का ब्योरा हाल में सार्वजनिक किया गया है। इस बीच नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने 'भूमि प्रदर्शनी' की मांग के कदम की कड़ी आलोचना की है। 
 
जीएम मुक्त भारत समूह की सह-संयोजक कविता कुरुगंटी ने जीईएसी के चेयरपर्सन को भेजे एक पत्र में सवाल उठाया, 'नियामकीय शब्दावली में 'खेतों में प्रदर्शनी' का क्या मतलब है? इसका दिशानिर्देशों में कहां जिक्र है? जीईएसी दोबारा क्यों आवेदक को विचार किए जाने और मंजूरी के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल सौंपने के लिए कह रही है? क्या जीईएसी के पास ये परीक्षण करने की विशेषज्ञता और दिशानिर्देश हैं?' कविता ने कहा, 'आप उठाए जा रहे अहम मुद्दों को हल नहीं कर रहे हैं और इसलिए आंकड़े सृजित करने के लिए आवेदकों से भूमि प्रदर्शनी के लिए कह रहे हैं। यह अपर्याप्त और आपत्तिजनक है।' जीईएसी ने पिछले साल जीएम सरसों के वाणिज्यिक बिक्री शुरू करने को मंजूरी दी थी। इस मंजूरी को इसलिए टाल दिया गया क्योंकि उस मंत्री से औपचारिक मंत्री नहीं मिली, जो इस ममले के हल के लिए और परीक्षण कराना चाहते थे। जीएम सरसों को मंजूरी का आरएसएस समर्थित संगठनों और सरकार के भीतर से तगड़ा विरोध किया जा रहा है। 
 
किसानों की आय दोगुनी करने पर गठित एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति ने हाल में एक रिपोर्ट में कहा कि जीन अभियांत्रिकी भविष्य की फसलें विकसित करने के लिए एक 'शक्तिशाली' औजार है, लेकिन अभी इसे केवल गैर-खाद्य फसलों में अपनाया जा सकता है। खाद्य फसलों के लिए इसकी सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को दूर किया जाना चाहिए। 
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