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बहरीन ने रोके केरल के फल

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली May 29, 2018 10:39 PM IST

बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे खाड़ी देशों ने केरल में फैल रहे जानलेवा वायरस-निपा के कारण राज्य से निर्यात किए जाने वाले ताजा फल और सब्जियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। केरल में निपा वायरस के संक्रमण से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और फिलहाल इसका प्रकोप कम होता नहीं दिख रहा है। मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाला यह जानलेवा वायरस संक्रामक है और मनुष्यों या जानवरों के लिए अभी इसका कोई टीका नहीं है। इस कारण, भारत से फल और सब्जियों का आयात करने वाले प्रमुख देश अब इन उत्पादों को लेकर सावधान हैं। 

कृषि मंत्रालय को लिखे एक पत्र में बहरीन सरकार ने पिछले हफ्ते भारत को सूचित किया था कि वह 23 मई से केरल क्षेत्र से आयात किए जाने वाले फलों और सब्जियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा रहा है, जो अगली सूचना तक जारी रहेगा। बिज़नेस स्टैंडर्ड को वरिष्ठï सूत्रों से यह भी ज्ञात हुआ है कि संयुक्त अरब अमीरात के संघीय सीमा शुल्क प्राधिकरण को भी सोमवार को इसी प्रकार का आदेश मिला है।

बहरीन ने अपने लिखे पत्र में कहा है कि हम आपसे यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निवेदन करते हैं कि केरल क्षेत्र में पैदा हुए फल और सब्जियों को बहरीन के लिए कोई 'फाइटोसैनिटरी' प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाए। केरल क्षेत्र से कोई खेप आती है, तो उसका पुन:निर्यात कर दिया जाएगा या फिर नष्टï कर दिया जाएगा। 

बहरीन सरकार के कार्य, नगर पालिका और शहरी नियोजन मंत्रालय में संयंत्र संरक्षण एवं कोरांटीन अनुभाग के कार्यवाहक प्रमुख अली शाहबान बालाह ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस वायरस की खतरनाक प्रकृति और इसकी तेजी से फैलने की प्रवृत्ति की वजह से यह कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि फिलहाल बंदरगाहों पर सीमा शुल्क निरीक्षण में यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या कोई खेप संक्रमित है या नहीं, क्योंकि उस खाद्य पदार्थ पर कोई बाह्य लक्षण नहीं दिखता है। उन्होंने कहा कि यदि वायरस फैलता है, तो अन्य भारतीय राज्य भी प्रतिबंध के तहत आ सकते हैं।

खाड़ी क्षेत्र फल निर्यात में भारत का सबसे बड़ा बाजार है और यूएई इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आयातक देश है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस देश ने पिछले वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में 32.6 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य केफल खरीदे थे। जबकि, उसके पड़ोसी देश बहरीन का यह आंकड़ा 1.3 करोड़ डॉलर रहा और सऊदी अरब ने 14.8 करोड़ डॉलर से अधिक का आयात किया।

2017-18 की अप्रैल-फरवरी अवधि में भारत का कुल फल निर्यात 1.61 अरब डॉलर मूल्य का रहा। यह 2016-17 में देश से किए गए 1.73 अरब डॉलर मूल्य के फल निर्यात से कम था। फिलहाल सरकार कृषि निर्यात नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के लिए एक स्थिर निर्यात नीति की व्यवस्था करना और 2022 तक कृषि निर्यात को दोगुना करके 60 अरब डॉलर करने की दिशा मेंमौजूदा नियमों को सुव्यवस्थित करना है। पिछले वित्त वर्ष में भारत के फल खंड में 85.6 करोड़ डॉलर के निर्यात के साथ काजू ने सबसे अधिक विदेशी मुद्रा का अर्जन किया। दुर्भाग्य से यह काजू उद्योग केरल राज्य के दक्षिणी हिस्से में कोल्लम में ही स्थित है, जिसे दुनिया की काजू राजधानी कहा जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्राकृतिक रूप में यह वायरस 'टेरोपोडिडाइ' परिवार के फल खाने वाले चमगादड़ के जरिये फैलता है। चमगादड़ प्रजातियों का एक सदस्य - 'ग्रेटर इंडियन फ्रूट बैट' नाम की यह चमगादड़ प्रजाति दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप के बड़े हिस्सों में रहती हैं। 
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