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मॉनसून की आहट से फिसली सोयाबीन

सुशील मिश्र | मुंबई May 30, 2018 09:02 PM IST

मॉनसून सामान्य रहने की संभावना के साथ ही सोयाबीन में गिरावट बढ़ गई। हाजिर बाजार में सोयाबीन के दाम एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए, जबकि वायदा बाजार मेंं सोयाबीन के दाम साल के निम्रतम स्तर पर पहुंच गए। कमजोर मांग और रकबा बढऩे की संभावना के कारण सोयाबीन में अभी और गिरावट आ सकती है। सुस्त खरीदारी की वजह से सोयाबीन के दाम 3,600 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे पहुंच गए। सोयाबीन की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट आ रही है। 

 

हाजिर बाजार में सोयाबीन के दाम 3,700 रुपये से लुढ़कर 3,684 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। हाजिर बाजार में सोयाबीन के दाम पिछले एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। वायदा बाजार में सोयाबीन के दाम 3,595 रुपये पर पहुंच गए। दिन में कारोबार के दौरान कीमतें गिरकर 3,588 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं, जो इस अनुबंध का सबसे निचला स्तर है। इस साल 22 जनवरी को जब जून अनुबंध में कारोबार की शुरुआत हुई, तो उस दिन सोयाबीन के दाम 3,599 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए थे। जून अनुबंध के साथ ही इस साल वायदा बाजार में सोयाबीन की ये सबसे कम कीमत थी। एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन के जुलाई अनुबंध में भी कीमतें गिरकर 3,626 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गर्इं।

 

मौसम विभाग के दूसरे चरण के दीर्घकालिक औसत पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल जुलाई से अगस्त के दौरान पूरे देश में बारिश का स्तर सामान्य रहने के असार हैं। सामान्य मॉनसून की भविष्यवाणी के साथ ही कृषि जिसों के दाम गिरना शुरु हो गए, सबसे ज्यादा सोयाबीन में गिरावट हुई। सोयाबीन कारोबारी मिथलेश भाई कहते हैं कि पिछले एक महीने से सोयाबीन की मांग कमजोर बनी हुई है। दरअसल, पेराई मिलें अपना माल निकालने में लगी हैं, क्योंकि बारिश के समय ज्यादातर पेराई मिलें बंद रहती हैं। इसके साथ ही निर्यात मांग भी कमजोर बनी हुई है। इसके अलावा, सोयाबीन पर शुल्क बढ़ाने की भी अटकलें चल रही थीं, हालांकि शुल्क में बढ़ोतरी नहीं हुई। किसानों ने अपना माल मंडियों में झोंक दिया, जिस कारण मांग की तुलना में आपूर्ति काफी ज्यादा हो गई और यही वजह है कि मंडियों में सोयाबीन की कीमतें 3,500 रुपये तक पहुंच गई हैं। हालांकि, औसत दाम 3,680 रुपये बोले जा रहे हैं। वे कहते हैं कि बारिश की सीजन में कीमतों में सुधार होने की कोई गुंजाइश नहीं है। 

 

वायदा कारोबार के जानकारों का कहना है कि सोयाबीन की वायदा कीमतें 3,600 रुपये से नीचे कारोबार कर रही हैं। अभी सोयाबीन में और गिरावट की संभावना है। कारोबारियों और पेराई मिलों की ओर से सुस्त मांग के कारण हाजिर बाजार में भी कीमतें गिर रही हैं, जिनमें आगे भी गिरावट के आसार हैं। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज लिमिटेड की कमोडिटी रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश का मौमस नजदीक है, बारिश में पेराई मिलें मरम्मत के लिए बंद होने लगती हैं, जिस कारण सोयाबीन की मांग काफी कम हो जाती है। अगले महीने से सोयाबीन की बुआई शुरु होगी। इस वर्ष मॉनसून सामान्य रहने की संभावना है, जिससे सोयाबीन के बुआई क्षेत्र में बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वायदा बाजार में कीमतें 3,550 रुपये से नीचे तक जा सकती हैं। 

 

विश्व स्तर पर पाम ऑयल की कमजोर निर्यात मांग और सोया तेल की कीमतों में नरमी के कारण खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट हो रही है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी खाद्य तेलों की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। कृषि रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सोयाबीन का उत्पादन 108 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि पिछले साल देश का सोयाबीन उत्पादन 90 लाख टन था। 
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