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खाड़ी में फंसे केरल के फल

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली Jun 03, 2018 09:40 PM IST

केरल के फल और सब्जियों को अब भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार - अरब खाड़ी क्षेत्र के ज्यादातर देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। केरल अब भी जानलेवा निपा वायरस से जूझ रहा है, जो अब तक 17 जानें ले चुका है। पिछले हफ्ते संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने केरल से ताजा फल और सब्जियों के आयात को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था। लेकिन हफ्तेभर में ही सऊदी अरब, कतर और कुवैत ने भी आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर दी कि इन दोनों श्रेणियों में आयात को अगली सूचना तक तुरंत रोक दिया जाए। चूंकि इस क्षेत्र के अधिकांश देशों में एक जैसे दस्तूर और रिवाज हैं, इसलिए ओमान की मीडिया रिपोर्ट से भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही वह भी ऐसा कर सकता है।
 
बहरीन सरकार के कार्य, नगर पालिका और शहरी नियोजन मंत्रालय में संयंत्र संरक्षण एवं कोरांटीन अनुभाग के कार्यवाहक प्रमुख अली शाहबान बाला ने कहा कि इस वायरस की खतरनाक प्रकृति और इसकी तेजी से फैलने की प्रवृत्ति की वजह से यह कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि फिलहाल बंदरगाहों पर सीमा शुल्क निरीक्षण में यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या कोई खेप संक्रमित है या नहीं, क्योंकि उस खाद्य पदार्थ पर कोई बाह्य लक्षण नहीं दिखता है। यदि वायरस फैलता है, तो अन्य भारतीय राज्य भी प्रतिबंध के तहत आ सकते हैं।
 
खाड़ी क्षेत्र फल और सब्जी निर्यात में भारत का सबसे बड़ा बाजार है और यूएई इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आयातक देश है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत के संपूर्ण फल निर्यात का 35 प्रतिशत से अधिक और कुल सब्जी निर्यात का लगभग एक-चौथाई खाड़ी देशों में किया जाता है। कृषि उत्पाद एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यातक संघ के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि उद्योग से शिकायतें मिली हैं जिनके अनुसार कुवैत, कतर और अन्य देशों ने अब खेपों का नकारना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी हमें इनमें से कुछ देशों से औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। यह दोनों श्रेणियों में निर्यात के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, जिसमें पिछले वित्त वर्ष में गिरावट नजर आई है।
 
फिलहाल सरकार कृषि निर्यात नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के लिए एक स्थिर निर्यात नीति की व्यवस्था करना और 2022 तक कृषि निर्यात को दोगुना करके 60 अरब डॉलर करने की दिशा में मौजूदा नियमों को सुव्यवस्थित करना है। मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाला यह जानलेवा वायरस मई की शुरुआत में दिखाई दिया था। यह संक्रामक है और फिलहाल इसका कोई टीका उपलब्ध नहीं है। इस समय दक्षिणी राज्य को नुकसान पहुंचने की आशंका है, क्योंकि आमतौर पर फल निर्यात रमजान के गर्म महीने में बढ़ जाता है, जोकि इस वक्त चल रहा है।
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्राकृतिक रूप में यह वायरस 'टेरोपोडिडाइ' परिवार के फल खाने वाले चमगादड़ के जरिये फैलता है। नतीजतन, आयात करने वाले प्रमुख राष्टï्र अब केरल में उगाए जाने वाले उत्पादों के प्रति चौकन्ने हैं और राज्य का दौरा करने को लेकर गंभीर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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