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विशेष आर्थिक क्षेत्र से निर्यात को लगे पंख

दिलीप कुमार झा | मुंबई Jun 03, 2018 09:41 PM IST

विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) से निर्यात के मामले में जैव प्रौद्योगिकी सबसे तेजी से बढऩे वाला क्षेत्र है। कर छूट का लाभ उठाने वाले नए भागीदारों के आने से ऐसा हुआ है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2018 में विशेष आर्थिक क्षेत्रों से जैव प्रौद्योगिकी निर्यात 58 प्रतिशत बढ़कर 2.23 अरब रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल समान महीने में यह 1.41 अरब रुपये था। अप्रैल 2018 में प्लास्टिक और रबर निर्यात में सबसे तेज वृद्धि नजर आई और यह 63 प्रतिशत के साथ बढ़कर 3.44 अरब रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल समान महीन में यह 2.11 रुपये था।
 
माना जा रहा है कि विशेष आर्थिक क्षेत्रों से होने वाला यह तगड़ा इजाफा दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के मद्देनजर हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, निर्यात-केंद्रित क्षेत्रों में उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जागरूकता बढ़ी है। पिछले एक वर्ष के दौरान विशेष आर्थिक क्षेत्रों के इस अधिसूचित क्षेत्र में इकाइयों की स्थापना के लिए दर्जनों नई कंपनियों का पंजीकरण हुआ है। विशेष आर्थिक क्षेत्रों और निर्यातोन्मुखी इकाइयों (ईओयू) की निर्यात संवर्धन परिषद के कार्यवाहक चेयरमैन विनय शर्मा ने कहा कि इन निर्यात-केंद्रित क्षेत्रों में अपनी इकाइयों की स्थापना करने वाली नई कंपनियों की बढ़ती संख्या के कारण जैव प्रौद्योगिकी उन प्रमुख क्षेत्रों में से एक है, जिनका निर्यात विशेष आर्थिक क्षेत्रों से बढ़ रहा है। दुनियाभर में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों से जैव प्रौद्योगिकी के निर्यात को बढ़ावा दिया है और हम उम्मीद करते हैं कि यह जारी रहेगा।
 
अप्रैल 2018 में 204 विशेष आर्थिक क्षेत्रों में उत्पादन और सेवाओं के निर्यात का कुल कारोबार 17 प्रतिशत बढ़कर 514.40 अरब रुपये पर पहुंच चुका है, जबकि पिछले साल समान महीने में यह 441.02 अरब रुपये था। इस कुल निर्यात में सॉफ्टवेयर और उत्पादों का योगदान क्रमश: 208.92 अरब रुपये और 205.48 अरब रुपये रहा, जबकि पिछले साल इस महीने में यह योगदान 246.14 अरब रुपये और 194.88 अरब रुपये था। शर्मा ने कहा कि लगभग हर देश से स्थापित और भावी मुक्त क्षेत्रों से मिली तगड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने वृद्धि की गति में बाधक के रूप में काम नहीं किया है। शर्मा ने कहा कि विनिर्माण और सेवा उद्योग की वृद्धि के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र अनुकूल दशा प्रदान करता है। इसने अवांछित नीतियों को समाप्त कर दिया है और ऑर्डर में विलंब कम कर दिया है।
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