होम » Commodities
«वापस

सिकुड़ेगा कपास का रकबा!

दिलीप कुमार झा | मुंबई Jun 04, 2018 10:01 PM IST

कपास के रकबे में इस साल 10-12 प्रतिशत की कमी आने की आशंका है, क्योंकि किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए सोयाबीन और धान जैसी अन्य फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। कपास के तहत रकबा इस साल घटकर 107 लाख हेक्टेयर रह जाने का अनुमान है, जो पिछले साल 122 लाख हेक्टेयर था। पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इस फसल में कम दिलचस्पी दिखाई गई है। कपास के प्रति किसानों की घटती दिलचस्पी के लिए दो प्रमुख कारकों को जिम्मेदार माना जा सकता है। पहला, कपास फसल पिछले साल पिंक बॉलवॉर्म नाम के कीड़े से प्रभावित हुई थी जिससे किसानों में इस साल भी इसे लेकर आशंका बनी हुई है। यही वजह है कि वे अन्य वैकल्पिक फसलों पर ध्यान दे रहे हैं। 
 
भारत में कपास व्यापारियों की प्रतिनिधि संस्था कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीआईए) के अध्यक्ष अतुल गनात्रा ने कहा, 'हमें इस साल कपास के रकबे में 10-12 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है।' किसानों को सिंचाई की किल्लत, प्रतिकूल मौसम और पिंक बॉलवॉर्म के डर जैसी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिससे इस खरीफ सत्र में कपास की बुआई पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकती है। किसान कपास के बदले गुजरात में मूंगफली, हरियाणा में धान और महाराष्ट्र तथा तेलंगाना क्षेत्र में सोयाबीन की ओर रुख कर सकते हैं क्योंकि कपास कीमतें अन्य उपलब्ध विकल्पों की तुलना में ज्यादा फायदेमंद नहीं रह गई हैं। इसी तरह, सोयाबीन, दालें और गन्ने का रकबा भी कपास से ज्यादा देखा जा सकता है क्योंकि कीमतें मजबूत रही हैं और कीटनाशकों का प्रभाव इन फसलों पर कम पड़ता है। 
 
केडिया कमोडिटी के प्रबंध निदेशक अजय केडिया ने कहा, 'मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर कपास कीमतें 21,700 रुपये प्रति गांठ (एक गांठ= 170 किलोग्राम) पर कारोबार कर रही हैं, जो सालाना आधार पर 3.23 प्रतिशत तक ज्यादा है। इस साल के लिए कीमत परिदृश्य मजबूत बना हुआ है और हम कीमतों में 8-10 फीसदी की और तेजी देख सकते हैं क्योंकि भारत में कम कपास रकबे की उम्मीद से कीमतों को मजबूती मिल सकती है।' कपास के रकबे में कमी से भारत के कपास उत्पादन आंकड़े में गिरावट दर्ज की जा सकती है। टेक्सटाइल मंत्रालय के अधीन कॉटन एडवाइजरी बोर्ड (सीएबी) द्वारा पहले अग्रिम अनुमान में भारत का कपास उत्पादन 3.77 करोड़ गांठ रहने का अनुमान जताया गया था। इस साल मॉनसून की बारिश सामान्य रहने का अनुमान जताया गया है जिससे इस सीजन में खरीफ सत्र में बंपर पैदावार होने की संभावना मजबूत हो गई है। 
कीवर्ड cotton, seeds,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक