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30 लाख टन चीनी का होगा भंडार!

एजेंसियां | नई दिल्ली Jun 05, 2018 09:59 PM IST

खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि स्थानीय कीमतों को संभालने और नुकसान झेल रही मिलों की लाखों गन्ना किसानों की बकाया राशि का भुगतान कराने में मदद के लिए भारत 30 लाख टन चीनी का स्टॉक निर्मित करने पर विचार करेगा। पासवान ने संवाददाताओं से कहा कि विश्व का यह दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक एथेनॉल उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के लिए चीनी मिलों को 45 अरब रुपये का आसान ऋण भी उपलब्ध कराएगा। पासवान ने कहा कि चीनी उद्योग के लिए 8,000 करोड़ रुपये के पैकेज का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के पास भेज दिया गया है और इस पर जल्द फैसला किया जाएगा। उधर, केंद्र सरकार द्वारा चीनी मिलों को राहत पैकेज की घोषणा के बाद चीनी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई और विभिन्न चीनी कंपनियों के शेयरों में इजाफा हुआ।
 
स्थानीय चीनी के दामों की गिरावट ने चीनी मिलों के आर्थिक संकट को और बढ़ा दिया है। स्थानीय चीनी के दाम गिरकर 28 महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं। अपने खराब आर्थिक हालात का हवाला देते हुए मिलों ने कहा है कि वे समय पर गन्ना किसानों का भुगतान करने में असमर्थ हैं। अब मिलों पर तकरीबन 220 अरब रुपये का कर्ज है, जो मौजूदा 2017-18 के सीजन में उछलकर 250 अरब रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है।  सरकार द्वारा घोषित किए गए इस पैकेज से चीनी मिलों को राहत की संभावना नजर आ रही है। किसानों की बकाया राशि का भुगतान करने में मदद के लिए केंद्र द्वारा चीनी मिलों को राहत पैकेज की घोषणा के बाद मंगलवार को चीनी कंपनियों के शेयरों में तेजी आ गई। 
 
धामपुर शुगर मिल्स लिमिटेड और मवाना शुगर लिमिटेड में से प्रत्येक ने सात प्रतिशत की बढ़त बनाई, जबकि बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड और अवध शुगर ऐंड एनर्जी लिमिटेड को छह प्रतिशत से अधिक का फायदा मिला। उत्तम शुगर मिल्स लिमिटेड, मगध शुगर ऐंड एनर्जी लिमिटेड और डालमिया भारत शुगर ऐंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड में से प्रत्येक का शेयर चार प्रतिशत चढ़ा। आधिकारिक सूत्रों का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने पिछले महीने रिपोर्ट दी थी कि सरकार जल्द ही घरेलू बाजार में चीनी की अधिकता को कम करने तथा कीमतों में गिरावाट को रोकने के लिए 30 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाने की योजना को मंजूरी देगी।
 
केंद्र ने चना, लहसुन की खरीद अवधि बढ़ाई 
 
कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र ने महाराष्ट्र में चना की सरकारी खरीद अवधि 13 जून तक बढ़ा दी है। साथ ही लहसुन की खरीद अवधि 20 जून तक बढ़ाई गई है। दोनों फसलों की खरीद कीमत समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत की जा रही है क्योंकि बाजार कीमत समर्थन कीमत स्तर से काफी नीचे आ गई थी। सिंह ने ट्विटर पर लिखा, भारत सरकार ने रबी मौसम 2017-18 के दौरान पीएसएस के तहत महाराष्ट्र के किसानों के लिए चना की खरीद अवधि 13 जून तक बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में लहसुन की खरीद की अवधि इस साल 20 जून तक बढ़ाई गई है। 
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