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बांग्लादेश ने चावल आयात पर लगाया 28 प्रतिशत शुल्क

रॉयटर्स | ढाका /मुंबई Jun 07, 2018 08:47 PM IST

स्थानीय उत्पादन में पुन: सुधार आने के बाद बांग्लादेश अपने किसानों की सहायता के लिए चावल आयात पर 28 प्रतिशत का शुल्क लगा रहा है। वित्त मंत्री अबुल माल अब्दुल मुहिथ ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस शुल्क वृद्धि से आयात में कमी आएगी, खासतौर पर भारत के आयात से। पिछले साल बाढ़ ने बांग्लादेश की फसल बरबाद कर दी थी, इसके बाद भारत इसके सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा था। वित्त वर्ष 2018-19 के अपने बजट भाषण में मुहिथ ने कहा कि इस साल हमारे चावल का जोरदार उत्पादन हुआ है, इसलिए स्थानीय किसानों को बचाने के लिए चावल आयात पर फिर से 25 फीसदी सीमा शुल्क और तीन फीसदी नियामकीय शुल्क लगाया गया है। घरेलू चावल के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाने के बाद 2017 में बांग्लादेश ने 28 फीसदी के पिछले आयात शुल्क में दो चरणों में कटौती करके इसे दो प्रतिशत कर दिया था। देश के खाद्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई-अप्रैल की अवधि में बांग्लादेश का चावल आयात बढ़कर 37 लाख टन की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था।

बांग्लादेश के सरकारी अनाज खरीदार प्रमुख बदरुल हसन ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया कि आयात को नियंत्रित करने के लिए चावल आयात पर फिर से शुल्क लगाना जरूरी था। वरना हमारे किसानों पर असर पड़ता और चावल की खेती में दिलचस्पी खत्म हो सकती थी। उन्होंने कहा कि स्टॉक और जोरदार फसल स्थानीय मांग को पूरा करने में पर्याप्त रहेंगे। बांग्लादेश में अमेरिकी कृषि विभाग के अधिकारी के अनुमान के अनुसार, 2018-19 के लिए देश का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 6.3 प्रतिशत बढ़कर 3.47 टन रहने की संभावना है।
 
भारतीय निर्यातकों ने कहा कि इस शुल्क वृद्धि से वे प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाएंगे। नई दिल्ली स्थित एक वैश्विक व्यापारिक कंपनी के एक व्यापारी ने कहा कि अब खरीदारों के लिए आयात बहुत महंगा हो जाएगा। इसके बदले वे स्थानीय फसल को तरजीह देंगे। 2017-18 में 31 मार्च तक बांग्लादेश की मांग के कारण भारत का चावल आयात 1.27 करोड़ टन की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। बांग्लादेश ने हाल ही में खेप में देरी की वजह से भारत के साथ 1,50,000 टन चावल आयात का एक सौदा रद्द किया है।
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