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जीएसीएल का कास्टिक सोडा पर दांव

विनय उमरजी | अहमदाबाद Jun 10, 2018 09:01 PM IST

कास्टिक सोडा और अन्य रसायनों में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गुजरात अल्कलीज ऐंड केमिकल्स लिमिटेड (जीएसीएल) ने दो सालों में 35 अरब रुपये का पूंजीगत व्यय करने की योजना तैयार की है। यह पूंजीगत व्यय योजना उन विभिन्न परियोजनाओं के लिए बनाई गई है कि जिन्हें जीएसीएल ने नए संयंत्रों या क्षमता वृद्धि के रूप में शुरू किया। इनमें नालको के साथ कास्टिक सोडा संयंत्र की संयुक्त परियोजना भी शामिल है। जीएसीएल के प्रबंध निदेशक पीके गेरा ने कहा कि अगले दो वर्षों में व्यय किए जाने वाले इस 35 अरब रुपये में से करीब 10 अरब रुपये अकेले इस वर्ष में ही कुछ परियोजनाओं पर व्यय किए जाएंगे।

2018-19 की पहली तिमाही में शुरू किए जाने वाले नए संयंत्र के जरिये हाइड्रोजन पेरॉक्साइड की उत्पादन क्षमता को 30 प्रतिशत से ज्यादा तक बढ़ाया जाएगा। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक नया पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड संयंत्र भी चालू किए जाने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप मौजूदा क्षमता में 80 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी। यह भी इन परियोजनाओं में शामिल है। गेरा के अनुमसार, जीएसीएल नालको के साथ संयुक्त उद्यम में एक कास्टिक सोडा संयंत्र, फॉस्फोरिक एसिड संयंत्र, क्लोरोमीथेन संयंत्र, फॉस्फोरिक एसिड संयंत्र और दहेज में क्लोरीन योगिक उत्पादन के लिए अन्य संयंत्रों का बंदोबस्त कर रही है। अगले दो साल में ये संयंत्र काम करने लगेंगे।
 
गेरा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि अगले दो वर्षों में 35 अरब रुपये के कुल निवेश के साथ कंपनी की योजना विभिन्न परियोजनाओं (नई और चल रही परियोजनाओं के साथ-साथ विचाराधीन परियोजनाओं) में पूंजीगत व्यय करने की है। चालू वर्ष में मौजूदा परियोजनाओं के लिए 10 अरब रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय की योजना है। कंपनी को दहेज के नए हाइड्रोजन पेरॉक्साइड संयंत्र से चालू वित्त वर्ष में परिचालन राजस्व जोड़े जाने, क्लोरोमीथेन संयंत्र और वडोदरा में पॉलि एल्युमीनिनयम क्लोराइड संयंत्र में विस्तार किए जाने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान कंपनी के सकल राजस्व में इन तीन नई अतिरिक्त क्षमताओं का योगदान करीब दो अरब रुपये हो सकता है।
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