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डेयरी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से घरेलू कंपनियों में जगी आस

दिलीप कुमार झा | मुंबई Jun 13, 2018 09:58 PM IST

पनीर, मक्खन और स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) जैसे मूल्य संवर्धित उत्पादों के दामों में तेज इजाफे से अगली दो तिमाहियों में डेयरी कंपनियों के सकल राजस्व और शुद्ध राजस्व को सहारा मिलने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े बताते हैं कि उसका डेयरी मूल्य सूचकांक अप्रैल की तुलना में 11 अंक (5.5 प्रतिशत) बढ़कर मई में 215.2 अंक पर रहा। सूचकांक में यह इजाफा मुख्य रूप से न्यूजीलैंड से आपूर्ति में तंगी की वजह से हुआ। यह सूचकांक मूल्य मई 2017 की तुलना में 11.5 प्रतिशत अधिक बैठता है, लेकिन फिर भी फरवरी 2014 के शीर्ष स्तर से 22 प्रतिशत कम है। हालांकि, घरेलू बाजार में डेयरी उत्पादों के दाम तकरीबन स्थिर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनमें तेज इजाफा दिखाई दिया है। इससे स्थानीय भागीदारों के लिए निर्यात के जरिये बेहतर आमदनी की कुछ गुंजाइश बनी है। अमूल ब्रांड से डेयरी उत्पाद बनाने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी ने कहा कि कम आपूर्ति की वजह से हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य संवर्धित उत्पादों के दाम उछल चुके हैं। इस कारण, भारतीय कंपनियां विदेशी बाजारों से बेहतर आमदनी प्राप्त करने के लिए अपनी खेपों को तेज कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, भारत में सफेद मक्खन के दाम 250 रुपये प्रति किलोग्राम पर बोले जा रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह दाम 380-390 रुपये प्रति किलोग्राम हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पनीर के दाम 6,800 डॉलर प्रति टन बोले गए हैं, जबकि भारत में दाम 400 रुपये प्रति किलोग्राम से भी कम हैं।
 
हालांकि, निर्यात खंड में सबसे प्रसिद्ध डेयरी उत्पाद यानी स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत केअनुरूप अभी नहीं चढ़े हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्किम्ड मिल्क पाउडर के दाम 120-125 रुपये प्रति किलोग्राम बोले गए हैं, जबकि भारत में यह दाम 140 रुपये प्रति किलोग्राम हैं। सोढी ने कहा कि भारतीय डेयरी निर्यातकों ने वैश्विक बाजार मेंं अपने उत्पादों के लिए भरोसा और विश्वास अर्जित किया है, जिसका अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के निर्यात के बावजूद स्किम्ड मिल्क पाउडर पर भी प्रतिफल मिलने वाला है। भारत प्रमुख रूप से खाड़ी देशों, रूस और कुछ अन्य देशों को अपने डेयरी उत्पादों का निर्यात करता है। भारत अन्य देशों के साथ-साथ अमेरिका, मिस्र, भूटान और अफगानिस्तान को भी अपने डेयरी उत्पादों का निर्यात करता है। 
 
थोड़ा ही सही, लेकिन वित्त वर्ष 2017-18 में भारत का डेयरी उत्पादों का निर्यात उछलकर 18.549 करोड़ डॉलर (48,039 टन) पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल के दौरान यह 13.533 करोड़ डॉलर (39,168 टन) था।  आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड के विश्लेषक अनिरुद्ध जोशी ने एक रिपोर्ट में पराग मिल्क्स के चौथी तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 18 की चौथी तिमाही में दूध खरीद के दाम वित्त वर्ष 18 की पहली तिमाही के मुकाबले सुधरे हैं। चारे के दामों में गिरावट के साथ-साथ स्किम्ड मिल्क पाउडर के वैश्विक दामों में कमी को ध्यान में रखते हुए अगले तीन-चार महीने में दूध के दाम निचले स्तर पर रहने की संभावना है। उन्हें कच्चे माल के दामों में कमी से आगे मार्जिन में बढऩे की उम्मीद है।
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