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कोल इंडिया ने किया गैर-कोकिंग कोयले के दामों में इजाफा

भाषा | कोलकाता Jan 09, 2018 12:13 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के निदेशक मंडल ने बिजली और गैर-बिजली दोनों तरह के उपभोक्‍ताओं के लिए गैर-कोकिंग कोयले के दाम तुरंत प्रभाव से बढ़ाने को मंजूरी दे दी। कोल इंडिया सूत्रों के अनुसार यह वृद्धि औसतन 10 प्रतिशत के करीब हो सकती है। कंपनी ने एक नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी है। कंपनी ने कहा कि दाम में इस वृद्धि से चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में उसे 1,956 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त राजस्व प्राप्त होगा, जबकि पूरे वर्ष के दौरान उसे 6,421 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त राजस्व प्राप्त होगा। नियामकीय सूचना में कहा गया है कि गैर-कोकिंग कोयले की यह मूल्य वृद्धि कोल इंडिया की सभी अनुषंगियों में लागू होगी। इनमें एनईसी भी शामिल है।

कंपनी ने कहा है कि उसकी यह मूल्य वृद्धि नियमित और गैर-नियमित दोनों तरह के क्षेत्रों के लिए होगी। कोयला उत्पादन क्षेत्र की इस कंपनी ने कहा कि उसकी बढ़ती लागत को देखते हुए उसे दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा। इसकी वजह से पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान कंपनी का मुनाफा प्रभावित हो रहा था। इस घोषणा के बाद कंपनी का शेयर मूल्य आज शुरुआती कारोबार में करीब चार प्रतिशत चढ़कर 298.40 रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले कंपनी ने मई 2016 में दाम बढ़ाए थे। तब कंपनी ने औसतन 6.3 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए थे जिससे 2016-17 में उसे 3,234 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त राजस्व प्राप्त हुआ था।

कोल इंडिया ने इससे पहले कोयले की निकासी के लिए भी 50 रुपये प्रति टन का शुल्क लगाया था। इससे कंपनी को हर साल 2,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त आय होगी। कोयला निकासी शुल्क से चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि के दौरान कंपनी को 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त राजस्व प्राप्त होगा। कोल इंडिया कर्मचारियों के वेतन संशोधन से कंपनी पर 5,600 करोड़ रुपये का सालाना बोझ बढ़ गया था।

कीवर्ड कोल इंडिया, कोकिंग कोयला, सार्वजनिक क्षेत्र, सीआईएल, बिजली, सूचना, राजस्व,

  
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