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अगले सप्ताह कमजोर पड़ सकता है मॉनसून

संजीव मुखर्जी | नई दिल्ली Jun 11, 2018 09:55 PM IST

पश्चिम में मराठवाड़ा और विदर्भ इलाकों तथा पूर्व में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेजी से आगे बढऩे के बाद दक्षिण पश्चिम मॉनसून अगले सप्ताह कमजोर पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक इससे मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में वर्षा पर निर्भर क्षेत्रों में खरीफ की बुआई में देरी हो सकती है। सोमवार तक दक्षिण पश्चिम मॉनसून सीमा महाराष्ट्र के अहमदनगर, बुल्ढाना और गोंदिया जिलों में केंद्रित था। अगले 48 घंटे में ओडिशा के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्सों, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। 
 
मौसम विभाग ने अपने रोजाना बुलेटिन में कहा, 'इसके बाद अगले एक सप्ताह में मॉनसून के आगे बढऩे की संभावना नहीं है। इस समय हो रही तेज बारिश सोमवार से पश्चिमी तट के इर्द-गिर्द कमजोर होती जाएगी।' देश के मध्य हिस्से में मॉनसून के देरी से पहुंचने से दलहन, तिलहन, चावल और मोटे अनाज की बुवाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि इसका फसलों के उत्पादन पर कितना असर होगा यह मोटे तौर पर वर्षा के वितरण पर निर्भर करेगा। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस साल अपने निर्धारित समय से तीन दिन पहले 29 मई को केरल तट पर पहुंचा था।
 
मौसम विभग ने पिछले महीने अपने पहले पूर्वानुमान में मॉनसून सामान्य रहने की बात कही थी। मॉनसून सामान्य रहने के अनुमान से कृषि क्षेत्र के लिए संभावनाएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने कहा कि जून से सितंबर के दौरान बारिश दीर्घ अवधि के औसत (एलपीए) का 97 प्रतिशत रह सकता है। एलपीए 1951 से 2000 के बीच देश में हुई औसत बारिश है, जो 89 सेंटीमीटर अनुमानित है। 
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