मसालेदार बिंगो हुआ ज्यादा जायकेदार

सीमा सिंधु |  Nov 02, 2009 09:01 PM IST

आईटीसी ने कीमत बढ़ाए बगैर 50 फीसदी ज्यादा कंटेंट जोड़ा है। आईटीसी बिंगो को और भी ज्यादा मसालेदार बनाने की कवायद में जुटी हुई है।

देश में लगभग 13 फीसदी हिस्सेदारी वाली आईटीसी पैकेज्ड स्नैक्स ब्रांड के सभी पैक में 50 फीसदी ज्यादा वजन बढ़ा रही है। नई रणनीति की खास बात यह है कि कंपनी ने पश्चिमी क्षेत्र में कीमत नहीं बढ़ाई है जो इसका सबसे बड़ा बाजार है। आईटीसी का कहना है कि इसका लक्ष्य देश के पश्चिमी बाजार में ज्यादा बिक्री कारोबार के जरिये राजस्व को बढाना है।

आईटीसी के फूड डिवीजन के मुख्य कार्याधिकारी चितरंजन दर का कहना है कि स्कीम और प्रमोशन मार्केटिंग का एक मुख्य हिस्सा है जिसे पूरे साल बरकरार रखा गया। निश्चित तौर पर उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए एक बड़ा ब्रांड फ्रैंचाइजी बनाना है ताकि उपभोक्ता इसका ज्यादा इस्तेमाल करें।

देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के ऑफर मिल रहे हैं हालांकि क्षेत्र के हिसाब से मात्रा में भी अंतर आ रहा है। दर का कहना है कि इस कदम का निश्चित तौर पर फायदा मिलने वाला है क्योंकि बिंगो ने नए उपभोक्ताओं को खासतौर पर लुभाया है। पिछले एक साल में बिंगो की किस्में मसलन कॉर्न, ऑयल, सोया, पोटैटो और फूड ग्रेन की कीमतों में तेजी आई।

ऐसे में कंपनी ने यह कदम उठाने का फैसला किया। दर ने बताया कि कंपनी ने इसके लिए बहुत पहले ही योजना बना ली थी और उसके बाद जिंस की कीमतों में आई तेजी पर विचार किया। उनका कहना है कि उन्होंने कई लागत का प्रबंधन किया है ताकि यह योजना कारगर हो सके।

आईटीसी ने खरीद और निर्माण के लिए सभी विभागों के साथ सामंजस्य बनाने की कोशिश की, इसी वजह से बिंगों की लागत कम  हो सकी। प्रत्यक्ष खरीद के लिए ई-चौपाल मॉडल पर काम हो रहा है जिसके तहत आईटीसी ने मसाले और गेहूं की खरीद के लिए 100,000 किसानों के साथ साझेदारी करने का मन बनाया है।

विश्लेषकों के अनुसार बिंगों ने यह कदम स्नैक्स के क्षेत्र में कड़ी प्रतियोगिता के मद्देनजर उठाया है। मिसाल के तौर पर पेप्सीको ने अपने प्रमुख ब्रांड लेज ने  20 फीसदी अतिरिक्त कंटेंट और पारले प्रोडक्ट ने मस्त चिप्स और स्टि्क्स के साथ 50 फीसदी अतिरिक्त कंटेंट देना शुरू कर दिया है।

केपीएमजी के बिजनेस परफॉरमेंस सर्विसेज के मैनेजर आनंद रामनाथन का कहना है, 'देश में स्नैक्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और यहां तीन बड़ी कंपनियों पेप्सीको, आईटीसी और पारले के बीच कड़ी प्रतियोगिता है। इस साल आईटीसी और पारले प्रोडक्ट आक्रामक मार्केटिंग और विज्ञापन योजनाओं के जरिये बाजार की बड़ी हिस्सेदारी पर कब्जा करने की उम्मीद कर रहे हैं।'

विश्लेषकों के मुताबिक आईटीसी पेप्सीको के लेज की बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं जो अब पैकेजिंग में सबसे आगे है। लेज की बाजार हिस्सेदारी 48 फीसदी के करीब है। पारले की मस्त चिप्स और मस्त स्टि्क्स के पास 5-7 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है।

बिंगो को पारले से कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पारले अपने वितरण रणनीति और आक्रामक मार्केटिंग के जरिये 25 फीसदी बाजार हिस्सेदारी पाने की कोशिश कर रही है। पारले प्रोडक्ट के ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर मयंक शाह का कहना है, 'हमने अपने स्नैक्स के लिए ज्यादा मांग देख रहे हैं। बहुत ज्यादा लोग हमारे प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं और हम अपना यह परीक्षण जारी ही रखेंगे।'

पारले ने पश्चिम, पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में मस्ट के कारोबार को बढ़ाया है और अब यह कोशिश दक्षिण में भी करने जा रही है। पारले और फ्रिटो लेज को बिंगो को पीछे छोडने में काफी कोशिश करनी होगी। दर का कहना है कि कंपनी के पास लोगों को आश्चर्यचकित करने वाली कई योजनाएं हैं जिन पर अभी काम हो रहा है और जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

हालांकि उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया। विश्लेषकों का कहना है कि बिंगो के पास पहले से ही 400 करोड़ रुपये हैं और उसके पास यह क्षमता है कि वह बाजार को हिला कर रख दे। उपभोक्ताओं की दिलचस्पी को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि स्नैक्स ब्रांड अपनी कई वेरायटी रखे। 

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