सोनी की सोहणी रणनीति

लेस्ली डिमोंटी |  Nov 02, 2009 09:07 PM IST

करीब 8 साल पहले इलेक्ट्रॉनिक उपभोक्ता वस्तुएं बनाने वाली जापान की कंपनी 'सोनी कॉर्पोरेशन' और स्वीडन की दूरसंचार कंपनी एरिक्सन ने मोबाइल फोन के कारोबार में उतरने के लिए हाथ मिलाया था।

उस दौरान एक कलाकार ने रेस्तरां के नैपकिन पर 'लिक्विड-आई क्रिस्टल' का डिजाइन तैयार किया था, जिसे दोनों कंपनियों ने पन्ने वाले हरे रंग के साथ अपने मोबाइल फोन का लोगो बना लिया। पिछले महीने सोनी एरिक्सन ने पुराने लोगो में 7 नए रंग जोड़ने का फैसला किया।

इस फैसले का कारण पिछले कुछ वर्षों के दौरान मनोरंजन के तरीकों में आया बदलाव और विभिन्न डिवाइसों के समायोजन की प्रवृत्ति रही। यह कंपनी मनोरंजन के नए चलन और सोनी समूह के साथ साझेदारी दर्शाने के लिए विज्ञापन अभियान में सोनी का ब्रांड संदेश 'मेक.बिलीव' अपना रही है।

हालांकि यह वैश्विक अभियान है, लेकिन इसका फोकस भारतीय बाजार होंगे, जहां सोनी एरिक्सन के मोबाइल हैंडसेटों को अच्छा समर्थन मिलता रहा है। इस कंपनी ने भारत में हाल में तीन नए हैंडसेट- आईनो, सैटियो और यारी बाजार में उतारे हैं, जो संचार-मनोरंजन खंड के उत्पाद हैं।

आने वाले कुछ सप्ताहों के दौरान सोनी एरिक्सन रणनीतिक विपणन अभियान चलाएगी। इसमें नए हैंडसेटों के लिए 'मेक.बिलीव' और 'स्पार्क समथिंग' ब्रांड संदेश इस्तेमाल किए जाएंगे। एक महीने का यह अभियान 6 नवंबर से शुरू होगा, जो टेलीविजन, प्रिंट, ऑनलाइन, मॉल और सिनेमा में दिखेगा।

सोनी एरिक्सन इंडिया के अध्यक्ष अनिल शेट्टी कहते हैं, 'हमारा संयुक्त ब्रांड भारतीय बाजारों में संचार मनोरंजन ब्रांड के क्षेत्र में विज्ञापन अभियान रणनीति का अहम हिस्सा है।' शेट्टी कहते हैं अब तक हमने जो कुछ भी किया है, उससे हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं, 'वर्ष 2005 में हमने म्यूजिक फोन खंड शुरू किया और 10 करोड़ से भी ज्यादा वाकमैन फोन बेचे। अब हम नए अध्याय की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं'।

वे कहते हैं कि सोनी एरिक्सन अपनी ब्रांड अपील 'लिक्विड आइडेंटिटी' को ज्यादा व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए न केवल इसमें नए रंग जोड़ेगी, बल्कि इसके साथ 'लिक्विड एनर्जी' भी जोड़ेगी ताकि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं से नए डिजिटल युग में प्रवेश की अपील की जा सके।

हालांकि मेक.बिलीव अपने आप में बड़ा संदेश है, लेकिन शेट्टी कहते हैं, 'मेक का संबंध एक्शन से है, जबकि बिलीव का संबंध वास्तविकता से है। इन दोनों के बीच जो डॉट है, उससे मेक और बिलीव का समायोजन प्रदर्शित होता है।' वाकमैन और साइबरशॉट जैसे ब्रांडों के लिए मशहूर सोनी एरिक्सन ने उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव पहल कर ने का इरादा जताया है।

शेट्टी कहते हैं, 'कंपनी का यह अभियान हमारे लक्षित उपभोक्ता युवा के लिए है।' उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले तक सेल फोन के वैश्विक बाजार में सोनी समूह हाशिए पर था। वर्ष 2000 तक इसकी बाजार हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम थी। उस दौरान इस खंड के कारोबार में नुकसान की वजह से भी यह कंपनी संघर्ष कर रही थी।

हालांकि कंपनी इस खंड में ज्यादा फोकस करने का इरादा रखती थी। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अगस्त 2001 में सोनी और एरिक्सन ने विलय से संबंधित शर्तों को अंतिम रूप दिया, हालांकि इसकी घोषणा अप्रैल में ही की गई थी। भारत में अनुसंधान कंपनी आईडीसी ने एक अध्ययन में पाया है कि यहां सेल फोन कारोबार में लगभग 57 प्रतिशत हिस्सेदारी केवल नोकिया की है।

इसके बाद दूसरा स्थान सैमसंग का है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी सिर्फ 7.7 प्रतिशत और एलजी की हिस्सेदारी महज 5.4 प्रतिशत है। ऐसे में सोनी एरिक्सन की बाजार स्थिति क्या है? शेट्टी कहते हैं, 'हम बाजार हिस्सेदारी की बात नहीं करते हैं। लेकिन इस पर विचार करें कि भारत में बिकने वाले लगभग 80 प्रतिशत हैंडसेट 4,000 रुपये या इससे कम कीमत के होते हैं।

और हमारे ज्यादातर हैंडसेटों की कीमत स्तर मध्यम दर्जे या उच्च दर्जे की होती है- इसका मतलब हुआ कि हमारे तमाम उत्पाद 4,000 रुपये से ऊपर के हैं। तो क्या हम केवल इस खंड के दायरे में बाजार हिस्सेदारी की बात कर रहे हैं, जो केवल 20 प्रतिशत है? यह व्यर्थ बहस है।' वे कहते हैं, 'ये सभी चीजें अर्थ रखती हैं। युवा हमारे ब्रांड को पसंद करते हैं।'

सोनी एरिक्सन फिलहाल प्रमुख रूप से अपने उत्पादों की बिक्री 47 ''एक्सपेरिएंस'' स्टोरों के माध्यम से करती है, जिसके विस्तार की योजना है। इसके अलावा कंपनी के हैंडसेट सोनी सेंटर ऐंड एक्सक्लूसिव जैसे अपेक्षाकृत छोटे स्टोर और क्रोमा एवं मॉम ऐंड पॉप जैसे बहु उत्पाद वाले स्टोरों पर भी उपलब्ध हैं। शेट्टी कहते हैं, 'यह रणनीति काम कर रही है तो इसमें क्यों व्यवधान डाला जाए?' 

कीवर्ड Solid strategy of Sony,

  
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