डॉलर मद में आईटी कंपनियों को मिल सकती है बढ़त

बीएस संवाददाता | मुंबई Jan 09, 2010 12:34 AM IST

डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में तकरीबन 4 फीसदी की मजबूती देखी जा रही है, जिससे चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2009) में देसी आईटी कंपनियों की आय रुपये के मद में लगभग स्थिर रहने की उम्मीद है।

हालांकि इस दौरान उनकी बिक्री में इजाफा हुआ है और डॉलर मद की बात करें तो कंपनियों की आय बढ़ने की उम्मीद है। विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर मद में भारतीय आईटी कंपनियों की आय 3.5 से 5 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है।

हालांकि तीसरी तिमाही में आईटी कंपनियों का मुनाफा थोड़ा प्रभावित हो सकता है, क्योंकि इस दौरान कई कंपनियों ने नई भर्तियां की हैं, वहीं वेतन वृद्धि और अन्य खर्चों में भी इजाफा किया है। एक ब्रोकरेज हाउस के विश्लेषक का कहना है कि तीन प्रमुख आईटी कंपनियों का एबिटा मार्जिन में तिमाही आधार पर 80 से 180 आधार अंकों की गिरावट देखी जा सकती है।

शेयरखान के विश्लेषकों के मुताबिक, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देश की प्रमुख आईटी कंपनियों की आय रुपये के मद में तकरीबन स्थिर या मामूली रूप से गिरावट आ सकती है। वैसे, विप्रो की हेजिंग नीति के चलते उसकी आय में 1.7 फीसदी की तिमाही बढ़ोतरी देखी जा सकती है। तीसरी तिमाही के परिणाम में उपयोगिता स्तर में सुधार और विभिन्न देशों की मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का असर भी देखा जा सकता है।

मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों अश्विन मेहता और विहंग नाईक का कहना है कि विभिन्न मुद्राओं में उतार-चढ़ाव से कंपनियों को 0.3 से 0.8 फीसदी का फायदा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन्फोसिस की आय में ऑस्ट्रेलियन डॉलर से करीब 5.9 फीसदी आय की उम्मीद है, जो यूरो के मुकाबले करीब 4 फीसदी बढ़ा है, वहीं पाउंड और अमेरिकी डॉलर के के मुकाबले लगभग स्थिर रहा है।

प्रमुख तीन कंपनियों में से विप्रो का परिणाम सबसे अच्छा रहने की उम्मीद है। तिमाही आधार पर विप्रो की आय में 5 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं टीसीएस की आय में 3.9 फीसदी और इन्फोसिस की आय में 3.7 फीसदी का इजाफा हो सकता है। अमेरिकी बाजारों की स्थिति में सुधार और बड़े ग्राहकों की ओर से ऑर्डर रद्द नहीं करने से भारतीय आईटी कंपनियां अच्छी स्थिति में नजर आ रही हैं।

हालांकि विश्लेषकों को लगता है कि वर्ष 2010 के लिए आईटी बजट के हिसाब से कंपनियें की आय में बढ़ोतरी स्थिर रह सकती है। हालांकि इन्फोसिस के परिणाम और गाइडेंस के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

शेयरखान सिक्योरिटीज का कहना है कि इन्फोसिस चौथी तिमाही के लिए आय में तिमाही आधार पर 2 फीसदी विकास का गाइडेंस जारी कर सकती है।

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