स्कूल बैग में हिस्सेदारी बढ़ाने की कवायद

प्रदीप्ता मुखर्जी |  Feb 19, 2010 10:30 AM IST

डिजनी के स्कूल और फैशन बैगों को भारत में बनाने और बेचने के लिए वॉल्ट डिजनी के साथ गठजोड़ करने के करीब एक साल बाद इमामी समूह अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कई और लाइसेंस हासिल करना चाह रहा है।

इमामी के पास 'हैना मोंटाना', 'प्रिंसेस' और 'जंगल बुक' जैसे डिजनी के किरदारों वाले स्कूल बैग भारत में बेचने का विशेष अधिकार है। इमामी के निदेशक मोहन गोयनका कहते हैं, 'हम कई अलग उत्पादों और ज्यादा किरदारों वाले स्कूल बैगों के लिए लाइसेंस हासिल करने के इच्छुक हैं।'

इमामी इन बैगों को चीन से मंगवाता है। कंपनी के जरिए बिकने वाले कुल उत्पादों के बदले में डिजनी को तय रॉयल्टी मिलती है।  इमामी समूह कोलकाता के दो बेहद प्रतिष्ठित और मजबूत रिटेल ब्रांड का मालिक है। ये ब्रांड फ्रैंक रॉस और स्टारमार्क है। फ्रैंक रॉस की स्थापना 1906 में हुई थी और 20 से भी ज्यादा आउटलेट के साथ यह एक शीर्ष दवा श्रृंखला थी।

स्टारमार्क शहर के शीर्ष किताब और संगीत रिटेलरों में एक है। इसके चार बड़े-प्रारूप वाले स्टोर हैं और सभी प्रीमियम मॉल में स्थित हैं। इमामी फ्रैंक रॉस के निदेशक गौतम जटिया कहते हैं, 'फिलहाल हम देश में डिजनी के बैक पैक्स और फैशन बैग वितरित कर रहे हैं। कई अन्य श्रेणियों के लिए हम बातचीत के दौर में हैं। डिजनी नए शो और फ्रैंचाइजी लाने जा रहा है और उनके लिए हमारे द्वारा वितरित किए जाने वाले उत्पादों के पोर्टफोलियो में भी बढ़ोतरी हो सकती है।'

जटिया कहते हैं कि इमामी की रिटेल योजनाओं के लिए डिजनी सबसे मजबूत संपत्ति है। जटिया कहते हैं, 'यह गठजोड़ सिर्फ एक साल पुराना है। इस साल हमारा लक्ष्य एक लाख बैग बेचने का है। हम अपने वितरण नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं और ज्यादा किरदार व श्रेणियां जोड़ रहे हैं। इससे हम जल्दी ही डिजनी के बैगों की सालाना बिक्री को बढ़ाकर 5 लाख तक ले जा पाएंगे।' 

देश में ब्रांडेड मर्चेंडाइज का बाजार करीब 1,050 करोड़ रुपये का है। इसमें कैरेक्टर मर्चेंडाइज 1,000 करोड़ रुपये का है और फिल्म मर्चेंडाइज बाकी बचे 50 करोड़ रुपये का है। स्कूल बैग का बाजार कितना बड़ा है इसका अंदाज लगाना मुश्किल है, क्योंकि कई प्रमुख स्थानीय निर्माताओं के साथ ही यह ज्यादातर असंगठित बाजार है।

बाजार शोध कंपनियों के आंकड़े बताते हैं कि देश के शीर्ष पांच मेट्रों शहरों में करीब 7 लाख छात्र ऐसे हैं, जो पर्याप्त खरीद क्षमता और रिटलरों व कंपनियों को प्रभावित कर सकने वाले परिवारों से आते हैं। इमामी के लिए किरदार मर्चेंडाइज वितरण में प्रवेश करना उसके आय के ज्यादा जरिए तलाश करने के इरादे से मेल खाता है।

कंपनी अपने रिटेल कारोबार को लेकर आक्रामक है, और मानती है कि मर्चेंडाइज वितरण में प्रवेश करना उसकी रणनीति का ही हिस्सा है। फिल्म मर्चेंडाइज की उम्र 10 से 12 हफ्ते होती है। इसके विपरीत किरदार मर्चेंडाइजिंग एक बड़ी चुनौती है। विशेष तौर पर अगर आधिकारिक सामान महंगा हो तो सस्ते माल की मांग बढ़ जाती है।

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