कंपनियों ने बांडों के निजी नियोजन से 5.52 लाख करोड़ रुपये जुटाए

भाषा | नई दिल्‍ली Nov 01, 2017 03:12 PM IST

भारतीय कंपनियों ने इस साल जनवरी से सितंबर की अवधि में कॉरपोरेट बांडों के निजी नियोजन से 5.52 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्राइम डाटाबेस की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल अपने कारोबार की जरूरत को पूरा करने के लिए करेंगी। मुख्य रूप से यह राशि कारोबारी योजना के विस्तार, ऋण के पुनर्भुगतान और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जुटाई गई है। बांडों के निजी नियोजन में कंपनियां संस्थागत निवेशकों को प्रतिभूतियां या बांड जारी कर पूंजी जुटाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार चालू साल के पहले नौ माह में 569 संस्थानों और कंपनियों ने 5.52 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इससे पिछले साल की समान अवधि में कंपनियों ने बांडों के निजी नियोजन से 4.65 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे।

प्राइम डाटाबेस के अध्यक्ष संजीव खंडेलवाल ने कहा कि इसमें उल्लेखनीय वृद्धि की वजह निजी क्षेत्र की कंपनियों का योगदान है। निजी क्षेत्र ने इस अवधि में 3.42 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जबकि सरकारी संगठनों ने 2.09 लाख करोड़ रुपये जुटाए। सबसे ज्यादा राशि वित्तीय सेवा क्षेत्र ने जुटाई। कुल जुटाई गई राशि का 68 प्रतिशत या 3.78 लाख करोड़ रुपये वित्तीय सेवा क्षेत्र ने जुटाया। इसके बाद बिजली क्षेत्र ने 45,621 करोड़ रुपये जुटाए। इस अवधि में एचडीएफसी ने 42,891 करोड़ रुपये, एनएचएआई ने 33,550 करोड़ रुपये, पावर फाइनेंस कारपोरेशन ने 32,266 करोड़ रुपये, नाबार्ड ने 24,530 करोड़ रुपये और एलआईसी हाउसिंग ने 19,445 करोड़ रुपये जुटाए।

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