रूपाणी पर सेबी का जुर्माना, व्यापार में हेरफेर का दोषी गुजरात के मुख्यमंत्री का परिवार

श्रीमी चौधरी | मुंबई Nov 09, 2017 11:00 AM IST

कब क्या हुआ?

3 जनवरी से 8 जून 2011 : सेबी ने की सारंग केमिकल्स के शेयरों की जांच
13 जुलाई 2015 : सेबी ने न्यायिक प्रक्रिया शुरू की और न्यायिक अधिकारी नियुक्‍त किया
6 मई 2016 : सेबी ने रूपाणी एचयूएफ सहित सभी 22 इकाइयों को भेजा नोटिस, रूपाणी ने नहीं दिया नोटिस का जवाब
27 अक्टूबर 2017 : 22 इकाइयों के खिलाफ 6.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश, रूपाणी एचयूएफ पर 15 लाख का जुर्माना


पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 22 संस्थाओं और व्यक्तियों को अनजानी सी कंपनी सारंग केमिकल्स में 'व्यापार में हेरफेर' का दोषी ठहराया है। इनमें गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) भी शामिल है। सेबी को अपनी जांच में पता चला कि ये 22 निकाय एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और उन पर कुल 6.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रूपाणी के एचयूएफ से 15 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है। तीन अन्य व्यक्तियों को 70-70 लाख रुपये या उससे ज्यादा रकम भरनी होगी। सेबी का कहना है कि जुर्माने की राशि 'उल्लंघन के अनुरूप' ही है। इन 22 नामों में दो ब्रोकर हैं, जिनके जरिये कारोबार किया गया था। उन दोनों से 8-8 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। कथित हेरफेर भरे सौदे जनवरी, 2011 से जून, 2011 के बीच किए गए थे।

सेबी ने मई, 2016 में इन 22 निकायों को प्रतिभूति बाजार से संबंधित धोखाधड़ी एवं गलत कारोबार व्यवहार पर निषेध (पीएफयूटीपी) के नियम के तहत उल्लंघन करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इस सूची में रूपाणी के हिंदू अविभाजित परिवार का 18वां नंबर था। इस संबंध में रूपाणी को तथा उनके दफ्तर को फोन किए गए, लेकिन जवाब नहीं मिला। बिजनेस स्टैंडर्ड ने जांचा तो पता चला कि सेबी द्वारा बताया गया रूपाणी के एचयूएफ का पैन चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उनके हलफनामे में दिए गए पैन से मिलता था।

27 अक्टूबर के 31 पृष्ठ के आदेश में महाप्रबंधक और निर्णायक अधिकारी रचना आनंद ने कहा, 'चूंकि नोटिस पाने वालों पर उल्लंघन का आरोप साबित हो चुका है और यह गंभीर उल्लंघन है, इसीलिए मैं मानती हूं कि उनमें से पहले से 20वें नंबर तक के निकायों पर सेबी कानून की धारा 15 एचए के अंतर्गत अर्थदंड लगना चाहिए।'

सेबी ने कहा कि रूपाणी एचयूएफ ने 87,311 शेयरों की। सेबी ने अपने आदेश में कहा, 'जिन इकाइयों को नोटिस भेजे गए हैं, उन्होंने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक दूसरे के साथ बड़ी मात्रा में शेयर का कारोबार शुरू कर दिया। जब दूसरे निवेशकों ने इस छद्म कारोबार से आकर्षित होकर कारोबार शुरू किया तो समूह की कुछ इकाइयों ने बढ़ी हुई कीमतों पर शेयरों की बिक्री शुरू कर दी। इस तरह का कारोबार व्यवहार स्पष्टï रूप से अनुचित उद्देश्य दर्शाता है।'

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