द्वारका दास 2014 में डिफॉल्टर घोषित, सीबीआई को दी थी जानकारी : ओबीसी

भाषा | नई दिल्ली Feb 26, 2018 05:52 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) ने आज कहा कि द्वारका दास इंटरनैशनल को जून 2014 में जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाली इकाई घोषित किया गया था और तय प्रक्रियाओं के अनुसार बैंक ने उसके द्वारा की गई धोखाधड़ी की जानकारी पहले ही रिजर्व बैंक और सीबीआई को दे दी थी। बैंक ने आज शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा कि 389.85 करोड़ रुपये की इस कथित धोखाधड़ी से उसके मुनाफे पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकी उसने अपने हिसाब-किताब में इस फंसी रकम के संबंध में पूर्ण प्रावधान पहले ही कर दिए हैं। ओबीसी ने कहा है इस ऋण खाते को 31 मार्च, 2014 को गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) की सूची में डाल दिया गया था। बैंक ने कंपनी को 30 जून, 2014 को जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाला घोषित किया था।

ओबीसी ने कहा, मौजूदा प्रक्रियाओं के अनुसार बैंक ने रिजर्व बैंक और सीबीआई को इन खातों के धोखाधड़ी वाले खाते के रूप में दर्ज करने की जानकारी दी थी।    सीबीआई ने ओबीसी के साथ 389.85 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के लिए द्वारका दास सेठ इंटरनैशनल, डायमंड ज्वैलरी एक्सपोर्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने कंपनी के साथ-साथ इसके सभी निदेशकों - सभ्य सेठ, रीता सेठ, कृष्ण कुमार सिंह और रवि सिंह तथा अन्य कंपनी द्वारका दास सेठ सेज इनकॉरपोरेशन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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