वॉलमार्ट संग अमेरिका जाएगा फ्लिपकार्ट मॉडल

निवेदिता मुखर्जी | नई दिल्ली Apr 15, 2018 10:03 PM IST

फ्लिपकार्ट में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदने की कोशिशों में जुटी दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल चेन कंपनी वॉलमार्ट ने इसके जरिये अपने लिए 3 स्पष्टï लक्ष्य तय किए हैं। अमेरिकी कंपनी ने करीब एक दशक पहले भारत में कैश ऐंड कैरी कारोबार में हाथ आजमाया था लेकिन अब वह फ्लिपकार्ट के जरिये सही मायनों में भारतीय खुदरा बाजार में उतरने की तैयारी में है। साथ ही वह अमेरिका में अपने ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ाने के लिए फ्लिपकार्ट मॉडल को स्वदेश ले जाने की भी योजना बना रही है।  

इतना ही नहीं कंपनी चाहती है कि उसकी प्रतिद्वंद्वी एमेजॉन भारत में वॉलमार्ट समर्थित फ्लिपकार्ट से लड़ाई में और नकदी झोंके।

इस सौदे से अमेरिकी बाजार में भी एमेजॉन का सिरदर्द बढ़ सकता है जहां उसे अभी उसे सरकार की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट के बीच सौदे की घोषणा जून में हो सकती है। लेकिन वॉलमार्ट इससे पहले पूरी तैयारी में जुटी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी की रणनीति बनाने वाली शीर्ष टीम बोर्डरूम बैठकों के लिए बेंगलूरु और बेंटनविले (अरकांसस) का चक्कर लगाने में व्यस्त है जबकि भारत में कंपनी में कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं। कंपनी भारत में अपने कैश ऐंड कैरी कारोबार को बरकरार रखना चाहती है लेकिन वह बदलाव के दौर से गुजर रही है जिसमें ऑनलाइन पर ज्यादा जोर है।  

वॉलमार्ट की अब तक भारत में मामूली उपस्थिति है। भारत में उसका सालाना राजस्व करीब आधा अरब डॉलर है जबकि कुल वैश्विक राजस्व 500 अरब डॉलर है। कंपनी इस स्थिति को बदलना चाहती है और इसके लिए फ्लिपकार्ट का सहारा लेना चाहती है। वॉलमार्ट इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी कृष अय्यर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में फ्लिपकार्ट के साथ सौदे के बारे में बात करने से इनकार कर दिया। फ्लिपकार्ट ने भी इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

अय्यर ने कहा, 'वॉलमार्ट इंडिया अपना पूरा जोर बी2बी कैश ऐंड कैरी कारोबार को बढ़ाने पर लगा रही है। भारत में यह कारोबार सालाना दहाई की गति से बढ़ा है।'

लेकिन एक विश्लेषक ने कहा कि बी2बी वॉलमार्ट के डीएनए में बहुत ज्यादा नहीं है और वह बिजनेस टु कस्टमर व्यवस्था के जरिये भारतीय जनमानस तक पहुंच बनाने की जीतोड़ कोशिश कर रही है। नीतिगत बाधाओं के कारण कंपनी भारत में मल्टी ब्रांड स्टोर खोलने में नाकाम रही है, इसलिए वह फ्लिपकार्ट के जरिये भारत में प्रवेश करना चाहती है।

वॉलमार्ट के दुनियाभर में 6,363 स्टोर हैं जिनमें से केवल 356 में ही बी2बी मॉडल पर हैं। ऑनलाइन कारोबार की योजना के बारे में अय्यर ने कहा, 'फिलहाल हमारा ऑनलाइन बी2बी कारोबार काफी सीमित है लेकिन यह हमारे ओम्नी चैनल ग्राहक केंद्रित दृष्टिïकोण के अनुरूप विकास कर रहा है।'

इसके माध्यम से छोटे कारोबारियों और किराना स्टोरों को ऐप (बेस्टप्राइस), कॉल सेंटर और कारोबार विकास सहायकों के माध्यम से वॉलमार्ट पर खरीदारी की सहूलियत मिलती है। आने वाले समय में ई-कॉमर्स में उतरने के बारे में पूछने पर अय्यर ने कहा कि भारत वॉलमार्ट के लिए महत्त्वपूर्ण बाजारों में से एक है और हमारा ध्यान बी2बी कारोबार पर ही रहेगा।

कंपनी के भारत में अभी 21 स्टोर हैं और अगले कुछ वर्षों में 50 अन्य स्टोर खोलने की योजना है। इस साल लुधियाना या विजाग में पांच से सात स्टोर खोले जाने की उम्मीद है। समूह की रणनीति से वाकिफ एक सूत्र ने कहा, 'वॉलमार्ट को मल्टी-ब्रांड स्टोर खोलने के लिए कोई निवेश की जरूरत नहीं है। यह सीधे फ्लिपकार्ट के माध्यम से ऑनलाइन पर आ सकती है।'

अमेरिका में वॉलमार्ट ने जिस तरह से ई-कॉमर्स कंपनी जेटडॉट कॉम का 3.3 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था, उसी मॉडल को यहां दोहरया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि फ्लिपकार्ट को स्थानीय कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा।  एक अन्य सूत्र ने कहा कि फ्लिपकार्ट ब्रांड को अमेरिका में पेश नहीं किया जाएगा, लेकिन इसके इनोवेशन और मूल्य निर्धारण प्रणाली का वहां इस्तेमाल किया जा सकता है।

वॉलमार्ट का कैश ऐंड कैरी कारोबार में आगे निवेश कम हो सकता है और ई-कॉमर्स पर कंपनी निवेश कर सकती है, लेकिन परिचालन वह जारी रखेगी। फ्लिपकार्ट अमेरिकी कंपनी के बी2बी प्रारूप का उपयोग स्थानीय उत्पादों और भारतीय बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने में कर सकती है।

वॉलमार्ट स्टोर्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रेट बिग्स ने हाल ही में कहा था, 'हम ई-कॉमर्स, तकनीक, लॉजिस्टिक्स पर ज्यादा पूंजी लगाएंगे और नए स्टोरों पर कम।' भारत में वॉलमार्ट ऑनलाइन कारोबार में उतरने की संभावना तलाश रही है।

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