वेदांता की अधिग्रहण बोली: बैंकों को इलेक्ट्रोस्टील में मिलेगी 7.6 प्रतिशत हिस्सेदारी

भाषा | नई दिल्ली May 03, 2018 05:01 PM IST

वेदांता की झारखंड स्थित स्टील मिल इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण की बोली यदि सफलता के साथ आगे बढ़ती है तो कर्जदाता बैंकों को कंपनी में 7.6 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल सकती है। खनन क्षेत्र के दिग्गज अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिर्साेसेस ने इलेक्ट्रोस्टील्स लि. के अधिग्रहण को लेकर शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। यह सौदा 5,320 करोड़ रुपये का है।

वेदांता रिर्साेसेज की भारत में सूचीबद्ध वेदांता लि. में 50.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अधिग्रहण की मंजूरी के लिए शेयरधारकों की बैठक 18 मई को बुलाई गई है। इस संदर्भ में जारी नोटिस में लंदन में सूचीबद्ध वेदांता रिर्साेसेज ने कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि प्राधिकरण (एनसीएलटी) की कोलकाता पीठ ने इलेक्ट्रोस्टील के अधिग्रहण के लिए उसकी इंकाई वेदांता लिमिटेड की बोली को 17 अप्रैल को मंजूरी दे दी। इलेक्ट्रोस्ट्रील के ऊपर बैंकों का 14,177.43 करोड़ रुपये बकाया है। इसकी वसूली के लिए इसकी नीलामी की जा रही है।

हालांकि, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। रेनेसेंस स्टील ने इलेक्ट्रोस्टील की अधिग्रहण बोली को चुनौती दी जिसे कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) ने खारिज कर दिया। कंपनी अधिकारियों ने कहा कि शेयरधारकों की मंजूरी और कानूनी चुनौती दो अलग-अलग चीज है।

शेयरधारकों को दिए नोटिस में वेदांता रिर्साेसेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि समाधान योजना के तहत वेदांता लि. की पूर्ण अनुषंगी वेदांता स्टार लि. इलेक्ट्रोस्टील में।,805 करोड़ रुपये में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगी और कर्ज के रूप में कंपनी को 3,515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराएगी। कुल बकाया 14,177.43 करोड़ रुपये में से 7,618.24 करोड़ रुपये का कर्ज इक्विटी शेयर में बदला जाएगा।

इस अधिग्रहण के तहत वेदांता स्टार 90 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। शेष 10 प्रतिशत में 7.6 प्रतिशत हिस्सेदारी बैंकों के पास तथा 2.4 प्रतिशत कंपनी के मूल शेयरधारकों को मिलेगी।

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