फ्लिपकार्ट: कर के डर से सॉफ्टबैंक असमंजस में

भाषा | नई दिल्ली May 11, 2018 01:53 PM IST

जापान के सॉफ्टबैंक ने ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में अपनी 20-22 प्रतिशत हिस्सेदारी अमेरिका की खुदरा कंपनी वालमार्ट को बेचने पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। इस घटनाक्रम से सीधे जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी है। सूत्र ने बताया कि सॉफ्टबैंक के मसायोशी सोन अगले सात से दस दिन में इस बात पर निर्णय कर सकते हैं कि फ्लिपकार्ट से बाहर आया जाए या कुछ और समय के लिए इस निवेश को बरकरार रखा जाए।

उल्लेखनीय है कि वालमार्ट ने बुधवार को फ्लिपकार्ट की 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 16 अरब डॉलर का भुगतान करने की घोषणा की थी। वालमार्ट द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक उसके अलावा कंपनी में बिन्नी बंसल, टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड, टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट एलएलसी और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प के पास बची हुई 23 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी, क्योंकि सॉफ्टबैंक अपनी 20-22 प्रतिशत की हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार हो गया था।

सूत्र के अनुसार सॉफ्टबैंक का फ्लिपकार्ट से बाहर आने का निर्णय करना अभी बाकी है। इसके पीछे अहम कारण है कि हिस्सेदारी बेचने पर सॉफ्टबैंक को होने वाले लाभ पर कर चुकाना होगा, जिसके आधार पर वह फैसला करेगा। सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट में 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया था, जबकि इससे बाहर आने पर उसे 4.5 अरब डॉलर मिलेंगे। इस प्रकार दो अरब डॉलर के लाभ पर भारतीय कानून के अनुसार उसे कर देना होगा। इस बारे में संपर्क करने पर सॉफ्टबैंक के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से मना कर दिया।

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