नई कार टैक्सी के लिए नहीं तैयार

अजय मोदी | नई दिल्ली May 29, 2018 11:59 AM IST

टैक्सी और कैब श्रेणी से परहेज, निजी खरीदारों को प्रोत्साहन
टैक्सी आदि के लिए इस्तेमाल होने पर खरीदारों की घट जाती है नए नए मॉडलों में दिलचस्पी
कार कंपनियां अपने चुनिंदा मॉडल वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए देने से करती हैं परहेज

होंडा कार्स इंडिया के बिक्री एवं विपणन प्रमुख राजेश गोयल नई अमेज को टैक्सी और फ्लीट श्रेणी के खरीदारों से दूर रखना चाहते हैं। इसी तरह टाटा मोटर्स अपनी दो नई कारों टिगोर और टियागो की टैक्सी श्रेणी में बिक्री को हतोत्साहित कर रही है। कार कंपनियां इस मामले में सावधानी बरत रही हैं। वे नहीं चाहती हैं कि वाणिज्यिक बिक्री बढ़ाने के चक्कर में निजी श्रेणी के खरीदार किसी कार से दूर हो जाएं। 

गोयल ने कहा, 'यह बेहद खूबसूरत मॉडल है। मैं चाहता हूं कि इसकी बिक्री निजी खरीदारों को ही जारी रखी जाए। मैं इसे टैक्सी या फ्लीट श्रेणी के खरीदारों को नहीं बेचना चाहता हूं।' नई अमेज को 16 मई को लॉन्च किया गया था। इसके पिछले संस्करण की टैक्सी और फ्लीट श्रेणी में जमकर खरीदारी हुई थी और यही वजह है कि निजी खरीदारों ने इसे ज्यादा भाव नहीं दिया।

टाटा मोटर्स की इंडिका और इंडिगो की बिक्री में टैक्सी श्रेणी की जबदस्त भूमिका रही थी। लेकिन कंपनी ने हाल में उतारी गई अपनी कारों टियागो हैचबैक (2016) और टिगोर कॉम्पैक्ट सिडैन (2017) की व्यावसायिक बिक्री की अनुमति नहीं दी है। कंपनी ने केवल जेस्ट और बोल्ट की वाणिज्यिक बिक्री को ही प्रोत्साहित कर रही है। ऐसा कोई नियम नहीं है जिससे खरीदार को किसी कार के वाणिज्यिक इस्तेमाल से रोका जा सके लेकिन कार कंपनियां अपने कुछ चुनिंदा मॉडलों की बिक्री ऐसे खरीदारों को करने से परहेज करती हैं।

देश की दो शीर्ष कार निर्माता कंपनियों मारुति सुजूकी और हुंडई ने कुछ कार मॉडलों में विशेष बैज लगाना शुरू कर दिया है। समान ब्रांड की कार को अलग उत्पाद के रूप में टैक्सी श्रेणी में भी बेचा जा सकता है ताकि निजी खरीदारों के हितों को बरकरार रखा जा सके। हुंडई ने टैक्सी और फ्लीट श्रेणी के लिए एक नए ब्रांड प्राइम को मूल ब्रांड बनाया है। एक्सेंट सिडैन और ग्रैंड आई10 हैचबैक के प्राइम संस्करण केवल व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए हैं। 

जब मारुति सुजूकी ने मई 2017 में नई डिजायर सिडैन उतारी थी तो उसने इसके पुराने मॉडल को टैक्सी श्रेणी में बिक्री के लिए बनाए रखने का फैसला किया था। टोयोटा इंडिया की भारतीय इकाई ने सबसे पहले 2016 में विशेष बैज की शुरुआत की थी। कंपनी ने तब अपनी पुरानी एटियॉस सिडैन को टैक्सी श्रेणी में बरकरार रखने का फैसला किया था और निजी खरीदारों के लिए प्लेटिनम एटियॉस उतारी थी। 

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के उप प्रबंध निदेशक एन राजा ने कहा कि कंपनी का नया मॉडल यारिस सिडैन टैक्सी और कैब कारोबार के आदर्श नहीं है क्योंकि ऑपरेटर टैक्सी कार में अपने पैसे की कीमत देखते हैं। यह सिडैन लीज सेगमेंट में जा सकती है। राजा ने कहा कि पिछले कैलेंडर वर्ष में टैक्सी श्रेणी में मांग में कमी आई। उन्होंने कहा, 'कैब ऑपरेटरों ने नकदी झोंकना बंद कर दिया है और प्रोत्साहन राशि कम कर दी है। यही वजह है कि पिछले साल मांग में कमी आई। इस वर्ष इसमें कुछ तेजी आने की उम्मीद है।' जर्मनी की फोक्सवैगन भी अपने सभी उत्पादों की टैक्सी/कैब श्रेणी में बिक्री को भाव नहीं देती है।
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