आरकॉम की दिवालिया प्रक्रिया पर लगी रोक

अद्वैत राव पलेपू | मुंबई May 31, 2018 11:28 AM IST

आरकॉम को सितंबर अंत तक एरिक्सन को करना है 5.5 अरब रुपये भुगतान
दूरसंचार परिसंपत्तियों की बिक्री से आरकॉम जुटाएगी 170 अरब रुपये

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएएलटी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की दिवालिया प्रक्रिया के बारे में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश पर रोक लगा दी है। एनसीएलटी ने 15 मई को अपने आदेश में आरकॉम और उसकी दो सहायक इकाइयों को दिवालिया प्रक्रिया में शामिल कर लिया था।

एनसीएलएटी ने अनिल अंबानी नियंत्रित कंपनी को आदेश दिया है कि वह सितंबर के अंत तक एरिक्सन को 5.6 अरब रुपये का भुगतान कर दे। दिवालिया प्रक्रिया रुक जाने से आरकॉम टावर, ऑप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और अन्य दूरसंचार परिसंपत्तियां रिलायंस जियो के हाथ बेच सकती है। इससे पहले मंगलवार को एनसीएलएटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय ने संबंधित पक्षों को मामला निपटाने के लिए कहा था।

उन्होंने कहा था कि निगमित समाधान योजना में परिचालक ऋणदाताओं के लिए परिस्थितियां ठीक नहीं लग रही हैं और अगर एरिक्सन अपनी ज्यादातर बकाया रकम वसूलती है तो ऋणदाताओं की परेशानी बढ़ सकती है। एनसीएलएटी ने आरकॉम और एरिक्सन को 7 जून तक एक शपथ पत्र दाखिल करने के लिए कहा है, जिसमें दोनों कंपनियां समाधान का अनुपालन करने पर हामी भरेंगी। स्वीडन की दूरसंचार उपकरण एवं सेवा प्रदाता कंपनी की सहायक इकाई एरिक्सन इंडिया ने पिछले साल सितंबर में मुंबई में यह मामला एनसीएलटी में दायर किया था। 

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