बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण पर सर्वोच्च अदालत देगी अंतिम मंजूरी

अभिषेक रक्षित | कोलकाता Jun 05, 2018 01:19 PM IST

बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण के मामले में अल्ट्राटेक की योजना पर एनसीएलटी का कोलकाता पीठ 10 जुलाई से पहले फैसला दे सकता है। इसके बाद एनसीएलएटी में इस मामले की रोजाना सुनवाई शुरू होनी है। इसने हालांकि अल्ट्राटेक की समाधान योजना पर नजर डालने की डालमिया भारत की याचिका खारिज कर दी, जिसे ट्रिब्यूनल की मंजूरी के लिए जमा कराया गया था। इस मामले की सुनवाई में एनसीएलटी के कोलकाता पीठ के दो न्यायिक सदस्यों के पीठ ने कहा कि ट्रिब्यूनल मामले का निपटान 10 जुलाई से पहले करेगा।

पीठ ने ये बातें तब कही जब वकीलों ने पीठ से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक एनसीएलएटी में इस मामले की फिर से रोजाना सुनवाई 10 जुलाई से शुरू होनी है। शुरू में बिनानी सीमेंट की सबसे बड़ी बोलीदाता डालमिया भारत ने एनसीएलएटी के आदेश पर रोक लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। एनसीएलएटी ने बिनानी सीमेंट की लेनदारों की समिति से अल्ट्राटेक की योजना पर विचार करने को कहा था और यह भी कहा था कि डालमिया भारत की अगुआई वाले कंसोर्टियम की योजना पर तभी विचार करे जब वह अल्ट्राटेक के बराबर बोली लगाए।

सर्वोच्च न्यायालय ने हालांकि प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई, लेकिन इसने कहा कि एनसीएलएटी में इस मामले की रोजाना सुनवाई होनी चाहिए, जहां डालमिया भारत ने इसी तरह की एक याचिका दाखिल की थी। एनसीएलएटी ने इसकी सुनवाई 10 जुलाई से करने की बात कही है, जो रोजाना आधार पर होगी। बिनानी सीमेंट का अधिग्रहण करने की इच्छा रखने वाले पक्षकारों के कानूनी सूत्रों ने कहा कि एनसीएलएटी में मामले की रोजाना सुनवाई शुरू होने से पहले एनसीएलटी को वहां सौंपी गई योजना को या तो मंजूरी देनी चाहिए या फिर इसे ठुकरा देना चाहिए।

एनसीएलएटी अल्ट्राटेक के प्रस्ताव पर फैसला लेगा। सूत्र ने कहा, इस तरह से पूरी संभावना है कि एनसीएलटी बिनानी सीमेंट के अधिग्रहण मामले में 10 जुलाई से पहले फैसला दे देगा। दूसरी ओर, सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि बिनानी सीमेंट की समाधान प्रक्रिया के मामले में आगे बढऩे की छूट सीओसी के पास है, लेकिन इस मामले में अंतिम फैसला सर्वोच्च न्यायालय लेगा। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद डालमिया भारत के सूत्रों ने कहा कि सीओसी दिवालिया प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ सकती है, लेकिन इस मामले में वह अंतिम फैसला नहीं ले सकती।

दूसरी ओर, डालमिया भारत की तरफ से बिनानी के अधिग्रहण का विरोध करने वाले सूत्रों ने कहा, यह बताता है कि एनसीएलटी मामले पर फैसला ले सकता है, लेकिन इसे तब तक लागू नहीं किया जा सकता जबतक कि सर्वोच्च न्यायालय इस फैसले को अपनी मंजूरी न दे दे। डालमिया भारत के कानूनी सूत्र ने कहा, अब सर्वोच्च अदालत इस मामले में दिलचस्पी ले रही है और आज की कार्यवाही से स्पष्ट हो गया कि अंतिम फैसला सर्वोच्च अदालत में ही होगा।

एनसीएलटी में अल्ट्राटेक का प्रतिनिधित्व करने वाले कानूनी सूत्रों ने कहा, बिनानी सीमेंट की परिसंपत्तियों के अधिग्रहण से पहले इस कंपनी को तीन स्तर वाली मंजूरी प्रक्रिया (एनसीएलटी, एनसीएलएटी और सर्वोच्च न्यायालय) से गुजरना होगा। सोमवार को जब बिनानी सीमेंट के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने एनसीएलटी में मंजूरी के लिए अल्ट्राटेक की योजना सौंपी तो डालमिया भारत की अगुआई वाले कंसोर्टियम ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आईबीसी की धारा 29 ए के तहत अल्ट्राटेक अयोग्य है और वह समाधान योजना पेश नहीं कर सकती।

इसके बाद पीठ ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह सात दिन के भीतर अपने एतराज के बारे में शपथपत्र जमा कराए। हालांकि एनसीएलटी ने डालमिया भारत की तरफ से अल्ट्राटेक सीमेंट की पेशकश की जांच करने वाली याचिका को ठुकरा दिया।

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