संशोधित योजना नहीं सौंपी तो जेपी इन्फ्रा होगी खत्म

वीणा मणि | नई दिल्ली May 16, 2018 09:39 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड के समाधान पेशेवरों को एक संशोधित समाधान योजना सौंपने का निर्देश दिया है। इस मामले से जुड़े वकीलों का कहना है कि न्यायालय ने स्पष्टï किया है कि संशोधित योजना नहीं सौंपने पर कंपनी खत्म कर दी जाएगी।   शीर्ष न्यायालय ने समाधान पेशेवर को लक्षद्वीप प्राइवेट सहित उन दूसरे पक्षों से संशोधित बोलियां आमंत्रित करने के लिए कहा है, जो पहले चरण की बोली में सफल हुई थीं। न्यायालय ने जेपी इन्फ्राटेक को 15 जून तक 10 अरब रुपये जमा करने के लिए भी कहा है। 
 
आईडीबीआई बैंक की तरफ से पक्ष रखने वाले वकीलों ने न्यायालय में कहा कि वे जेपी की योजना पर विचार करने के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि इस बात को लेकर स्थिति स्पष्टï नहीं थी कि कंपनी परियोजना पूरी करने के लिए कहां से रकम लाएगी। यह भी तर्क दिया गया कि जेपी की बोली इसलिए स्वीकार नहीं की जा सकती, क्योंकि  दीवालिया संहिता के तहत दीवालिया प्रक्रिया से गुजर रहे प्रवर्तक पर एक साल से अधिक समय से कर्ज बकाया रहने पर उसे बोली लगाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि अदालत ने इसकी अनुमति दे दी। इसके बाद समाधान पेशेवरों और ऋणदाताओं की समिति ने जेपी के प्रवर्तक मनोज गौड़ को योजना देने इजाजत दे दी। 
कीवर्ड real estate, property, JP infra, JIL,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक