तीस हजार आईटी रिटर्न पर टेढ़ी नजर

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Aug 04, 2017 09:24 PM IST

सरकार ने करीब 30,000 ऐसे मामलों की पहचान की है, जिनमें नोटबंदी के बाद काले धन को वाजिब रकम दिखाने के लिए आय कर रिटर्न (फाइल) किए गए हैं। सरकार इन मामलों की तह तक जाएगी। इस बीच 1 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ऑनलाइन आईटीआर भरने में 20 प्रतिशत तेजी आई है। इस अवधि तक वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 2.33 करोड़ लोगों ने कर दाखिल किए हैं, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 1.92 करोड़ लोगों ने आईटीआर दाखिल किए थे। आईटीआर दाखिल करने के मामले में आई तेजी की वजह नोटबंदी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और काले धन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा उठाए कुछ दूसरे कदम हो सकते हैं।
 
आईटीआर भरने में आई तेजी पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'हमने आंशिक जांच के लिए 30,000 मामलों की पहचान की है। इन मामलों में नोटबंदी के दौरान काला धन सफेद करने के लिए आईटीआर भरे गए हैं।' आयकर विभाग ने ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनके पास अचानक बड़ी मात्रा में रकम आई है या जिन्होंने पहली बार रिटर्न दाखिल कर बड़ी रकम दिखाई है।
 
अधिकारी ने कहा, 'आयकर भरने के कई मामलों में पास में रखी नकदी पिछले कुछ वर्षों के दौरान की आय से मेल नहीं खाती है। कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने पहली बार आईटीआर दाखिल कर अपने पास 10 लाख या 20 लाख रुपये दिखाए हैं। आखिर इसे कैसे सही ठहराया जाएगा? ऐसे लोगों की जांच की जाएगी।' आय कर विभाग ने ऐसे लोगों की भी शिनाख्त की है, जिन्होंने पिछले दो वित्त वर्षों के आईटीआर में संशोधन किए हैं। कर चोरों पर नकेल कसने के लिए आय कर विभाग ने 'ऑपरेशन क्लीन मनी' की शुरुआत की है, जिससे 1 अगस्त तक ई-फाइलिंग में 20 प्रतिशत तेजी दर्ज हुई है। पिछले साल के मुकाबले यह 10 प्रतिशत अधिक है। लोगों को आय कर भरने में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण आय कर भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 5 अगस्त कर दी गई है। सरकार ने आज बताया कि सभी आय कर कार्यालय शनिवार मध्य रात्रि तक खुले रहेंगे। 
 
आय कर विभाग ने 9.8 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह का लक्ष्य रखा है। यानी संग्रह लक्ष्य 15.7 प्रतिशत अधिक रखा गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष यह लक्ष्य 14.3 प्रतिशत बढ़ाया गया था। मौजूदा वित्त वर्ष से 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय पर आय कर दर 10 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत की गई है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अग्रिम कर भुगातन में 40 प्रतिशत तेजी दर्ज हुई है। नोटबंदी इसकी एक वजह मानी जा रही है क्योंकि बही-खातों में आय में अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है। नोटबंदी के बाद कर विभाग ने इस साल मार्च तक 900 समूहों के लोगों पर छापे मारे हैं, जिनसे 900 करोड़ रुपये जब्त हुए हैं, साथ ही 7,961 करोड़ रुपये के काले धन होने का भी पता चला है। 
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