खुदरा और थोक महंगाई में फिर से तेजी आई

इंदिवजल धस्माना | नई दिल्ली Aug 14, 2017 09:58 PM IST

पिछले वित्त वर्ष की आर्थिक समीक्षा के दूसरे भाग में अपस्फीति का अंदेशा जताया गया था, लेकिन खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में 2.4 फीसदी पर पहुंच गई, जो तीन महीने में उसका सबसे ऊंचा स्तर है। जून में यह 1.5 फीसदी तक गिर गई थी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कुछ सेवाओं पर कर की दर बढऩे और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के आवास किराये भत्त में बढ़ोतरी को मुद्रास्फीति में उछाल का कारण बताया जा रहा है।
 
बहरहाल समीक्षा के अनुमान के मुताबिक ही खाद्य कीमतों में कमी जारी रही है। जून में इनमें 2.1 फीसदी कमी आई थी और जुलाई में 0.3 फीसदी रही। अर्थशास्त्रियों को लगता है कि चालू वित्त वर्ष के बाकी महीनों में खुदरा महंगाई चढ़ेगी, जिससे मौद्रिक नीति समिति आगे दरें घटाने से हिचक सकती है। थोक खाद्य मुद्रास्फीति में एक बार फिर कमी आई है। उसकी दर जुलाई में 2.1 फीसदी रही, जो जून में 3.5 फीसदी और मई में 2.1 फीसदी थी। इसका असर आगे जाकर खुदरा खाद्य मुद्रास्फीति पर भी नजर आ सकता है। सकल थोक महंगाई की दर भी जून के 0.9 फीसदी के मुकाबले दोगुनी होकर जुलाई में 1.9 फीसदी पर पहुंच गई। ईंधन और मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट के बावजूद खाद्य उत्पादों की कीमतों में तेजी से जुलाई में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई बढ़कर 1.9 फीसदी तक हो गई। थोक मुद्रास्फीति में लगातार चार महीने से गिरावट देखी गई है। खाद्य और ईंधन महंगाई दर में गिरावट की वजह से जून में थोक मुद्रास्फीति 0.9 फीसदी तक थी जो एक साल में सबसे निचला स्तर है। खाद्य मुद्रास्फीति जून के -1.3 फीसदी से बढ़कर जुलाई में बढ़कर 2.1 फीसदी हो गई। वहीं तेल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर गिरावट की वजह से र्ईंधन क्षेत्र में मुद्रास्फीति थोड़ी धीमी रफ्तार से घटकर 5.3 फीसदी से 4.4 फीसदी हो गई। 
 
दिलचस्प बात यह है कि विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर लगातार पांचवें महीने कम हुई। हालांकि गिरावट की रफ्तार धीमी हुई। विनिर्मित खाद्य और बेवरिज, टेक्सटाइल, चमड़ा उत्पाद, लकड़ी के सामान, रसायन, दवा, रबड़, प्लास्टिक, इलेक्ट्रिक उपकरण की महंगाई दर में कमी आई जबकि तंबाकू उत्पाद, परिधान, पेपर उत्पाद, मूल धातु, परिवहन उपकरण, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीन आदि से जुड़े उपकरणों की महंगाई दर में तेजी देखी गई।  वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और मुद्रा में स्थिरता से घरेलूं ईंधन मुद्रास्फीति नियंत्रण में रही। ज्यादातर ईंधन श्रेणियों में मुद्रास्फीति कम हुई और विमानन टर्बाइन ईंधन, केरोसिन, डीजल में तेज गिरावट देखी गई। सब्जियों की मुद्रास्फीति जून के -21.2 फीसदी से बढ़कर 21.9 फीसदी हो गई। सब्जियों के अलावा जिन खाद्य पदार्थों में जुलाई में कीमत वृद्धि हुई उनमें अंडा, मांस और मछली शामिल है। 
कीवर्ड wpi, थोक कीमत सूचकांक (डब्ल्यूपीआई),

  
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